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जशपुर जिले में 2 लाख 72 हजार साजा-अर्जुना पौधों का पौधरोपण शुरू

कोसा उत्पादन से बढ़ेगी ग्रामीणों की आय, मनरेगा से मिलेगा रोजगार

रायपुर, 22 जुलाई 2026

 जशपुर जिले में 2 लाख 72 हजार साजा-अर्जुना पौधों का पौधरोपण शुरू

 जशपुर जिले में 2 लाख 72 हजार साजा-अर्जुना पौधों का पौधरोपण शुरू

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की पर्यावरण संरक्षण एवं संवर्धन की सोच को आगे बढ़ाते हुए जशपुर जिले में बड़े पैमाने पर साजा और अर्जुना के पौधों का पौधरोपण कार्य शुरू किया गया है। इस पहल का उद्देश्य हरित आवरण बढ़ाने के साथ-साथ स्व-सहायता समूह की महिलाओं एवं ग्रामीण परिवारों को आत्मनिर्भर बनाना है। विकासखंड फरसाबहार, दुलदुला, पत्थलगांव और कुनकुरी में वर्ष 2026-27 के दौरान महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) की विकसित भारत जी राम जी योजना के अंतर्गत पौधरोपण अभियान संचालित किया जा रहा है। जिला प्रशासन ने 19 स्थलों पर 66.5 हेक्टेयर भूमि में साजा और अर्जुना के पौधों का रोपण स्वीकृत किया है। प्रत्येक स्थल पर लगभग 14,350 पौधों के हिसाब से कुल 2 लाख 72 हजार 650 पौधों की नर्सरी तैयार कर पौधरोपण कार्य प्रारंभ कर दिया गया है।

’कोसा उत्पादन को मिलेगा बढ़ावा’
इस योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाना और स्थानीय लोगों की आय में वृद्धि करना है। साजा और अर्जुना के वृक्ष कोसा कीट पालन के लिए सर्वाधिक उपयुक्त माने जाते हैं। पौधों के विकसित होने के बाद आदिवासी एवं किसान परिवार प्राकृतिक कोसा उत्पादन के माध्यम से स्थायी और बेहतर आय अर्जित कर सकेंगे। मनरेगा जॉब कार्डधारी परिवारों को इस कार्य से रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है। रेशम विभाग के तकनीकी मार्गदर्शन में पौधों की देखभाल और रखरखाव किया जा रहा है। साथ ही स्थानीय मजदूरों को पौधों की सुरक्षा और चौकीदारी का कार्य देकर अतिरिक्त रोजगार के अवसर भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं। जिला प्रशासन के अनुसार यह पहल पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ ग्रामीण आजीविका को नई दिशा देगी। अर्जुना के पौधे विकसित होने पर कोसा उत्पादन के प्रमुख केंद्र बनेंगे, जिससे ग्रामीणों की आय बढ़ेगी, स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर सृजित होंगे और पलायन में भी कमी आएगी।

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