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राष्ट्रीय कृषि विकास योजना: सीताराम पटेल को ग्राफ्टेड बैंगन से मिली समृद्धि

रायपुर, 22 जुलाई 2026.महासमुंद जिले के सरायपाली विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंडरीपानी निवासी किसान श्री सीताराम पटेल को राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत ग्राफ्टेड बैंगन की खेती से आर्थिक समृद्धि मिली है। उल्लेखनीय है कि श्री पटेल उद्यानिकी विभाग के मार्गदर्शन में आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक सलाह को अपनाकर सीमित क्षेत्र में भी अधिक उत्पादन और बेहतर आय प्राप्त की है।

किसान श्री सीताराम पटेल बताते हैं कि वे पहले पारंपरिक तरीके से धान की खेती करते थे। धान की खेती में मजदूरी, खाद और कीटनाशकों पर अधिक खर्च होने के बावजूद अपेक्षित लाभ नहीं मिल पाता था। बेहतर आय की तलाश में उन्होंने उद्यानिकी विभाग से संपर्क किया। विभागीय अधिकारियों के मार्गदर्शन में उन्होंने वर्ष 2025-26 में राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अंतर्गत 0.40 हेक्टेयर क्षेत्र में ग्राफ्टेड बैंगन की खेती प्रारंभ की। खेती में उन्होंने ड्रिप सिंचाई और मल्चिंग जैसी आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया। इन तकनीकों से पानी की बचत हुई, खरपतवार नियंत्रण आसान हुआ तथा पौधों की बेहतर वृद्धि के कारण उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि हुई। जहां पहले धान की फसल से लगभग 18 क्विंटल प्रति एकड़ उत्पादन मिलता था, वहीं ग्राफ्टेड बैंगन से लगभग 300 क्विंटल प्रति एकड़ तक उत्पादन प्राप्त हुआ। इस नवाचार को बढ़ावा देने के लिए उद्यानिकी विभाग द्वारा राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत 30 हजार रुपये की अनुदान राशि डीबीटी के माध्यम से सीधे उनके खाते में प्रदान की गई।

श्री पटेल ने अपने उत्पाद का विक्रय सरायपाली एवं ओडिशा की मंडियों में किया, जहां उन्हें लगभग 31 रुपये प्रति किलोग्राम का अच्छा मूल्य मिला। इस खेती में प्रति एकड़ लगभग 18 हजार रुपये की इनपुट लागत, 7 हजार रुपये श्रमिक लागत तथा अन्य खर्चों सहित कुल लागत लगभग 30,800 रुपए रही। इसके बावजूद उन्हें लगभग 3 लाख रुपये का लाभ प्राप्त हुआ, जो पारंपरिक खेती की तुलना में कई गुना अधिक है। श्री सीताराम पटेल की सफलता से ग्राम पंडरीपानी सहित आसपास के क्षेत्रों के किसान भी उद्यानिकी फसलों और आधुनिक खेती की तकनीकों को अपनाने के लिए प्रेरित हो रहे हैं।

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