नगर निगम की एमआईसी में प्रस्ताव स्वीकृत, विरोध में कांग्रेस

रायगढ़ नगर निगम सिटी बसों का परिचालन कर नहीं पा रहा है और बस डिपो के नाम पर एक बार फिर से 50 लाख रुपए खर्च करने की तैयारी की जा रही है। एमआईसी की बैठक में 50 लाख रुपए की प्रस्ताव को मंजूरी दे दीगई है और दो दिन बाद बजट सम्मेलन में इसे रखा जाएगा। इसे लेकर कांग्रेस के पार्षद विरोध कर रहे हैं। कांग्रेस पार्षदों का कहना है कि बसों के परिचालन का प्रयास करने की बजाय बस डिपो के निर्माण के नाम पर पैसों की बर्बादी की जा रही है।
दरअसल रायगढ़ नगर निगम क्षेत्र में परिचालन के लिए 15 सिटी बसें आई थी जो कि पिछले 5 सालों से कंडम पड़ी है। 15 सिटी बसों में से सिर्फ पांच बसों का परिचालन हो रहा है, जबकि बाकी की बसें खड़ी है। रायगढ़ नगर निगम ने अब इन बसों के लिए बस डिपो निर्माण की योजना बनाई है जिसके लिए 50 लाख रुपए की स्वीकृति दे दी गई है। खास बात यह की पूर्ववर्ती सरकार में भी बस डिपो निर्माण के नाम पर 80 लाख रुपए खर्च किए जा चुके हैं।
मामला सामने आने के बाद विपक्ष में बैठी कांग्रेस सवाल उठा रही है। कांग्रेस का कहना है कि सिटी बसों के परिचालन को लेकर सरकार गंभीर नहीं है। सिटी बसें पड़े पड़े कंडम हो रही हैं। बसों को रिपेयर कर परिचालन करने की वजह बस डिपो निर्माण के नाम पर 50 लाख खर्च कर पैसों की बर्बादी की जा रही है।
इतना ही नहीं बस स्टॉप निर्माण के नाम पर भी 20 लाख रुपए खर्च किए गए हैं जिसका कोई औचित्य नहीं है। कांग्रेस का कहना है कि वार्डो के विकास कार्यों के लिए निगम फंड की कमी का रोना रो रहा है और राशि नहीं मिल रही है जबकि व्यर्थ की योजनाओं में पैसे बहाए जा रहे हैं।
इधर मामले में मेयर सफाई दे रहे हैं। मेयर का कहना है कि बसों के रखरखाव के लिए बस डिपो की जरूरत है, लिहाजा बस डिपो निर्माण का प्रस्ताव बनाया गया है। बसों के परिचालन के लिए भी बस ऑपरेटरों से चर्चा की गई है। जिन रूट पर पैसेंजर अधिक है उन रूट्स पर बसों के परिचालन के प्रयास किए जा रहे हैं।












