उपभोक्ताओं पर पड़ रहा अतिरिक्त भार।
कांग्रेस ने जताई आपत्ति
न्यूज डेस्क।
रायगढ़ शहर में डोर टू डोर कचरा कलेक्शन के बदले लिए जाने वाले यूजर चार्ज को लेकर सियासत गरमाई हुई है। नगर निगम उपभोक्ताओं पर पिछले 7 सालों का यूजर चार्ज एक साथ अधिरोपित कर रही है। इतना ही नहीं यूजर चार्ज जमा नहीं करने पर अन्य टैक्स भी नहीं लिए जा रहे हैं। ऐसे में आम उपभोक्ता जहां हलाकान हैं तो वहीं कांग्रेस ने यूजर चार्ज को लेकर मोर्चा खोल दिया है। कांग्रेस इसे गलत बताते हुए यूजर चार्ज माफ करने की मांग कर रही है। पार्षद दल ने यूजर चार्ज कम करने की मांग को लेकर कमिश्नर और महापौर को मांग पत्र भी सौंपा है।

दरअसल रायगढ़ शहर में साल 2018 से डोर टू डोर कचरा कलेक्शन की शुरुआत की गई है। शुरुआती दौर में नगर निगम ने कचरा कलेक्शन के बदले यूजर चार्ज की वसूली नहीं की। लेकिन अब उपभोक्ताओं पर पिछले 7 सालों का यूजर चार्ज एक साथ जमा करने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। नगर निगम में टैक्स जमा करने आए लोगों से 7 सालों का टैक्स एक साथ वसूला जा रहा है। रायगढ़ शहर में ₹60 प्रति माह की दर से यूजर चार्ज लगाया जाता है। इस लिहाज से लोगों पर 4 से 5 हजार का यूजर चार्ज का अतिरिक्त भार पड़ रहा है। नगर निगम में विपक्ष में बैठी कांग्रेस ने इसी पर आपत्ति जताई है। कांग्रेस का कहना है कि शहर के अधिकांश वार्डो में अभी भी रेगुलर डोर टू डोर कचरा कलेक्शन नहीं हो रहा है। निगम कर्मियों ने शुरुआती दौर में टैक्स की वसूली नहीं की अब और अब लोगों पर एक साथ टैक्स जमा करने दबाव बनाया जा रहा है। कांग्रेस का कहना है कि उपभोक्ताओं को न सिर्फ किस्तों की सुविधा दी जानी चाहिए बल्कि पुराना यूजर चार्ज भी माफ किया जाना चाहिए।
इधर मामले में मेयर पूर्ववर्ती सरकार को दोषी ठहरा रहे हैं। मेयर जीवर्धन चौहान का कहना है कि पूर्व में कांग्रेस सरकार ने टैक्स वसूली पर ध्यान नहीं दिया इस वजह से उपभोक्ताओं पर टैक्स बकाया है। राज्य सरकार से यूजर चार्ज शत प्रतिशत वसूलने के निर्देश मिले हैं, लिहाजा उपभोक्ताओं से वसूली की जा रही है। जिन लोगों की राशि अधिक बकाया है उन्हें किस्तों की सुविधा दी जाएगी।












