शुरू हुआ रोड साइड सर्वे, पीडब्ल्यूडी ने मुख्य मार्गो के दोनों ओर 9.50 मीटर तक जमीनों की मांगी जानकारी।

न्यूज डेस्क। संकरी सड़कों की वजह से लंबे समय से ट्रैफिक जाम और सड़क हादसों की समस्या झेल रहे रायगढ़ वासियों को जल्द इस समस्या से निजात मिल सकेगी। वित्त मंत्री ओपी चौधरी के प्रयास से राज्य शासन ने शहर के चारों ओर फोरलेन निर्माण को मंजूरी दे दी है, और इसके लिए सर्वे भी शुरू हो गया है। योजना के तहत पहले चरण में शहर के चारों ओर लगभग 80 किलोमीटर की फोरलेन सड़क बनाई जाएगी। योजना पर लगभग 41 करोड रुपए खर्च होंगे।
वीओ 1 दरअसल इंडस्ट्रियल हब के रूप में तेजी से डेवलप हो रहे रायगढ़ शहर की सड़कों पर लगातार ट्रैफिक का दबाव बढ़ रहा है। शहर के सड़कें संकरी होने की वजह से न सिर्फ आए दिन ट्रैफिक जाम की स्थिति उत्पन्न हो रही है बल्कि हर दिन सड़क हादसे भी हो रहे हैं। शहर में लंबे समय से रिंग रोड निर्माण और सड़कों के चौड़ीकरण की मांग उठ रही थी। आखिरकार राज्य शासन ने नए बजट में सड़कों के निर्माण की मंजूरी दी जिसके बाद अब निर्माण की दिशा में कार्य भी शुरू हो गया है। शहर के चारों ओर सात अलग-अलग सड़कों के निर्माण का प्रस्ताव तैयार किया गया है। योजना के मुताबिक सबसे हैवी ट्रैफिक वाले रूट रायगढ़ से घरघोड़ा तक 37 किमी की फोरलेन सड़क बनाई जाएगी। इसके अलावा ढिमरापुर से जेएसपीएल, ढिमरापुर से कोतरा रोड, टीवी टावर से मेडिकल कॉलेज, उर्दना से सर्किट हाउस, रायगढ़ से नंदेली, और रायगढ़ से महापल्ली तक भी फोरलेन सड़क निर्माण किया जाएगा। राज्य शासन से मंजूरी के बाद पीडब्ल्यूडी विभाग ने सर्वे शुरू कर दिया है। पीडब्ल्यूडी विभाग ने राजस्व विभाग से उपरोक्त सभी सड़कों के दोनों और साढ़े बारह मीटर तक निजी और सरकारी जमीनों की जानकारी मांगी है। अधिकारियों का कहना है कि सर्वे के बाद फोरलेन निर्माण में आने वाली निजी जमीनों का अधिग्रहण किया जाएगा। इसके लिए जल्द ही भू अर्जन की कार्रवाई की जाएगी। इधर राज्य शासन की इस पहल का स्थानीय लोगों ने स्वागत किया है। लोगों का कहना है कि शहर में जिस तरह से ट्रैफिक का दबाव बढ़ रहा है उसे देखते हुए फोर लेन और रिंग रोड की बेहद जरूरत थी। फोरलेन निर्माण से न सिर्फ ट्रैफिक का दबाव कम होगा बल्कि सड़क हादसों में कमी आएगी। जिला प्रशासन को जल्द इस कार्य को पूरा करना चाहिए।












