न्यूज डेस्क, रायगढ। केंद्र सरकार ने किसानों को फसल बीमा का लाभ देने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए सभी जिलों को अधिक से अधिक किसानों को फसल बीमा योजना से जोड़ने का निर्देश भी दिया गया है। लेकिन जानकर हैरत होगी कि रायगढ़ जिले में किसान फसल बीमा में रुचि ही नहीं ले रहे हैं। पिछले तीन सालों में पंजीकृत किसानों में से बमुश्किल आधे किसानों ने ही फसल बीमा के लिए पंजीयन कराया है। ज्यादातर किसान फसल बीमा से दूरी बना रहे हैं। ऐसे में बीमा का टारगेट पूरा करने में कृषि विभाग के पसीने छूट रहे हैं।
दरअसल केंद्र सरकार ने सभी किसानों को प्राकृतिक आपदा के दौरान आर्थिक मदद के लिए फसल बीमा योजना शुरू की है। इसके तहत सभी जिलों को अधिक से अधिक किसानों को योजना से जोड़ने के निर्देश दिए गए हैं। लेकिन रायगढ़ जिले में पिछले तीन सालों से फसल बीमा कराने वाले किसानों की संख्या में कमी आ रही है। आंकड़ों पर ध्यान दें तो साल 2021 में केंद्र सरकार ने 63500 किसानों के फसल बीमा का टारगेट दिया था। कृषि विभाग इसके एवज में बमुश्किल 41 हजार किसानों का ही बीमा करा पाया। साल 2022 में 57 हजार किसानों के लक्ष्य की तुलना में 37301 हजार किसान ही योजना में पंजीकृत हुए। बीते साल भी 57 हजार किसानों के टारगेट में महज 36423 किसानों ने पंजीयन कराया। आंकड़े सामने आने के बाद कांग्रेस इसके लिए राज्य सरकार को जिम्मेदार ठहरा रही है। कांग्रेस का कहना है कि फसल नुकसान के गणना की तकनीक बेहद पुरानी है। ऐसे में किसानों को नुकसान का उचित मुआवजा नहीं मिल पा रहा है। इस वजह से किसान योजना से दूरी बना रहे हैं। अगर किसानों को नुकसान में उचित क्षतिपूर्ति की राशि मिलेगी तो किसान खुद ब खुद योजना से जुड़ेंगे। राज्य सरकार को उस पर गंभीरता से काम करने की जरूरत है। जिले में हर साल जिस तरह से बाढ़ की त्रासदी की वजह से किसानों को फसल नुकसान सहना पड़ता है उसे देखते हुए किसानों को योजना से जोड़ने की जरूरत है। लेकिन राज्य सरकार योजना के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति कर रही है। इधर मामले को लेकर कृषि विभाग के अधिकारी सफाई दे रहे हैं। उप संचालक कृषि अनिल वर्मा का कहना है कि राज्य शासन के द्वारा हर साल दिए जा रहे टारगेट की तुलना में जिले का प्रदर्शन बेहतर रहा है। इस साल भी ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों को अधिक से अधिक किसानों को योजना से जोड़ने के निर्देश दिए गए हैं। इसके लिए गांव में कैंप भी लगाया जा रहा है। इस साल जिले का प्रदर्शन बेहतर होगा।














