राज्य शासन ने निकाय चुनाव के पूर्व निकायों के परिसीमन का निर्देश दिया है। शासन के निर्देश के तहत रायगढ़ नगर निगम के नए परिसीमन की प्रक्रिया भी शुरु हो गई है। खास बात ये है कि नए परिसीमन में इस साल वार्डों की संख्या यथावत रहेगी। हालांकि जनसंख्या में वृद्धि के चलते वार्डों के मतदाताओं की संख्या में घटबढ़ होना तय है। ऐसे में दिग्गज चेहरे राजनीतिक गुणा भाग में जुट गए हैं। दरअसल 48 वार्डों वाले रायगढ़ नगर निगम का साल 2014 में परिसीमन हुआ था। इस दौरान नगर निगम की जनसंख्या दो लाख 10 हजार थी जबकि मतदाता तकरीबन 1 लाख 15 हजार थे। दस सालों के बाद शहर की जनसंख्या जहां तीन लाख पार हो चुकी है तो वहीं मतदाता भी 1 लाख 91 हजार हो चुके हैं। ऐसे में परिसीमन के दौरान मतदाताओं को 48 वार्डों में समान तौर पर विभाजन किया जाएगा। चुनावी साल होने और दावा आपत्तियों के निराकरण के लिए बेहद कम समय होने की वजह से नगर निगम में नए वार्ड नहीं जोड़े जाएंगे। लिहाजा 48 वार्डों के साथ ही निगम में चुनाव होना लगभग तय है। आलम ये है कि मतदाता संख्या में वृद्धि की वजह से मतदाताओं को एक वार्ड से दूसरे वार्ड में शिफ्ट करने की तैयारी है। इसे लेकर दिग्गजों की सांसें अटकी हुई है। कांग्रेस ने परिसीमन के दौरान पुरानी त्रुटियों का निराकरण करने और पूरी पारदर्शिता के साथ परिसीमन करने की मांग की है। कांग्रेस का कहना है कि वार्डों में पूर्व परिसीमन के दौरान जिस तरह से व्यापक त्रुटियां हैं उन त्रुटियों को दूर किया जाना चाहिए । इधर अधिकारी भी इस बात को स्वीकार कर रहे हैं कि परिसीमन के दौरान नए गावों को निगम में शामिल नहीं किया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि जनसंख्या के अनुपात में वार्डों का विभाजन किया जाना है। विभाजन के पूर्व न सिर्फ अधिकारी कर्मचारियों को ट्रेनिंग दी जा रही है बल्कि विभाजन के बाद दावा आपत्तियां भी मंगाई जाएंगी। परिसीमन के दौरान पारदर्शिता का पूरी तरह ध्यान रखा जाएगा।
जनसंख्या के अनुपात में वार्डों का विभाजन किया जाना है। अधिकारी कर्मचारियों को ट्रेनिंग दी जा रही है। विभाजन के पूर्व दावा आपत्तियां भी मंगाई जाएंगी। परिसीमन के दौरान पारदर्शिता का पूरी तरह ध्यान रखा जाएगा।
राजीव पांडेय, अपर कलेक्टर रायगढ़












