जांच में सामने आया कि घटना के दौरान एजेंसी का परियोजना प्रबंधक मौके पर मौजूद नहीं था। क्रेन ऑपरेटर की अनुपलब्धता और रिकवरी उपकरणों के लिए पर्याप्त ईंधन नहीं होने से राहत कार्य प्रभावित हुआ। 1033 हेल्पलाइन पर बार-बार सूचना देने के बावजूद समय पर आवश्यक सहायता नहीं मिल सकी। एनएचएआई ने इसे घटना प्रबंधन और हाईवे पेट्रोलिंग के निर्धारित मानकों का उल्लंघन मानते हुए संबंधित एजेंसी पर 10 लाख रुपए की पेनाल्टी लगाई है।













