<strong>गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही। </strong>पर्यटन के क्षेत्र में गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (जीपीएम) जिले ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। जिले की समृद्ध प्राकृतिक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को प्रभावी ढंग से प्रमोट करने के लिए छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड ने जीपीएम जिले को ‘सर्वश्रेष्ठ जिला प्रमोशन अवॉर्ड’ से सम्मानित किया है। इसके साथ ही जिले की प्रसिद्ध पुरासांस्कृतिक धरोहर ‘धनपुर’ पर केंद्रित एक विशेष कॉफी टेबल बुक का भी विमोचन किया गया।
यह सम्मान 27 सितंबर को विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर राजधानी रायपुर में आयोजित ‘सेंट्रल इंडिया कनेक्ट मार्केटप्लेस’ कार्यक्रम में दिया गया। इस कार्यक्रम का आयोजन छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड और छत्तीसगढ़ ट्रैवल ट्रेड एसोसिएशन (सीजीटीटीए) के संयुक्त तत्वावधान में किया गया था।
<strong>दिग्गजों की मौजूदगी में विमोचन</strong>
धनपुर के ऐतिहासिक और पुरातात्विक महत्व पर आधारित आकर्षक कॉफी टेबल बुक का विमोचन पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल, छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के अध्यक्ष नीलू शर्मा, पर्यटन सचिव डॉ. एस. भारतीदासन, प्रबंध संचालक सौमिल रंजन चौबे, गौरेला पेण्ड्रा मरवाही कलेक्टर विजय दयाराम के. और जिला पंचायत सीईओ मुकेश रावटे द्वारा किया गया।
<strong>धनपुर को मिलेगी राष्ट्रीय स्तर पर पहचान</strong>
विमोचित कॉफी टेबल बुक के जरिए धनपुर की पुरातात्विक विशेषताओं, ऐतिहासिक महत्व और पर्यटन संभावनाओं को बेहद आकर्षक रूप में प्रस्तुत किया गया है। अधिकारियों का मानना है कि इस पहल से धनपुर को देश-प्रदेश के पर्यटन मानचित्र पर एक नई पहचान मिलेगी और जिले में पर्यटकों की आवाजाही बढ़ेगी।
<strong>प्रशासनिक प्रयासों को मिली पहचान</strong>
गौरेला पेण्ड्रा मरवाही जिला प्राकृतिक सौंदर्य के साथ-साथ धार्मिक और पुरातात्विक विरासत से समृद्ध है। जिला प्रशासन द्वारा स्थानीय पर्यटन स्थलों के संरक्षण, पहचान और प्रचार-प्रसार के लिए लगातार काम किया जा रहा है। यह अवॉर्ड प्रशासन के इन्हीं प्रयासों का परिणाम है, जिससे जिले को एक प्रमुख टूरिज्म हब के रूप में विकसित करने में नई ऊर्जा मिलेगी।













