“ऑपरेशन क्लीन हंट” के तहत कोतवाली पुलिस की बड़ी कार्रवाई, जांजगीर-चांपा से दबोचा गया आरोपी
शेयर मार्केट ट्रेडिंग और निवेश पर 6 प्रतिशत मासिक रिटर्न का झांसा देकर करोड़ों की ठगी
रायगढ़ के 13 से अधिक निवेशकों से जुटाई गई थी करोड़ों रुपये की रकम
आरोपी ने पूछताछ में स्वीकारा निवेशकों की राशि शेयर ट्रेडिंग में लगाने की बात
थाना चांपा में भी दर्ज है धोखाधड़ी का मामला, वित्तीय लेनदेन और निवेश नेटवर्क की जांच जारी
“निवेश के नाम पर लोगों की गाढ़ी कमाई हड़पना गंभीर अपराध है, रायगढ़ पुलिस ऐसे अपराधियों के विरुद्ध ‘ऑपरेशन क्लीन हंट’ के तहत लगातार कार्रवाई जारी रहेगी”— एसएसपी शशि मोहन सिंह
19 जून, रायगढ़ । वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह के दिशा निर्देशन पर चलाए जा रहे “ऑपरेशन क्लीन हंट” के तहत थाना कोतवाली रायगढ़ पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। करीब 1 करोड़ 77 लाख रुपये की निवेश धोखाधड़ी के मामले में फरार चल रहे आरोपी विश्वजीत देवनाथ को जिला जांजगीर-चांपा में दबिश देकर गिरफ्तार किया गया है। आरोपी को रायगढ़ लाकर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है।
मामले में दरोगापारा रायगढ़ निवासी संजय मिश्रा द्वारा 30 मई 2026 को थाना कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। शिकायत में बताया गया कि वर्ष 2022 में उसकी मुलाकात विश्वजीत देवनाथ से हुई थी। आरोपी ने स्वयं को एलईडी बल्ब मैन्युफैक्चरिंग एवं शेयर मार्केट ट्रेडिंग व्यवसाय से जुड़ा बताते हुए निवेश करने पर प्रतिमाह 6 प्रतिशत ब्याज तथा 10 प्रतिशत मूलधन वापसी का भरोसा दिलाया था। आरोपी के झांसे में आकर संजय मिश्रा ने आईसीआईसीआई बैंक से 12 लाख रुपये का ऋण लेकर निवेश किया। प्रारंभिक कुछ माह तक आरोपी नियमित रूप से ब्याज देता रहा, जिससे विश्वास बढ़ा और बाद में अन्य लोगों को भी निवेश के लिए प्रेरित किया गया।
🔸 13 से अधिक निवेशकों से जुटाए गए 1.77 करोड़ रुपये
जांच में सामने आया कि आरोपी ने संजय मिश्रा सहित विकास साहू, राकेश मनहर, रितेश साव, देव कश्यप, सुनील पाणिग्रही, शिशुपाल, कृष्णा पाण्डे, कृष्णा द्विवेदी, राकेश सरकार, लोचन पटेल, मनिल गुप्ता तथा अजय वर्मा समेत कई निवेशकों से कुल 1 करोड़ 77 लाख 10 हजार रुपये निवेश कराए थे। बाद में जब निवेशकों को यह जानकारी हुई कि शेयर ट्रेडिंग के लिए डीमैट खाता आवश्यक होता है और आरोपी द्वारा किसी प्रकार का डीमैट दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराया गया है, तब उन्हें धोखाधड़ी का संदेह हुआ और रिपोर्ट दर्ज कराई गई।
🔸 जांजगीर-चांपा से हुई गिरफ्तारी
अपराध क्रमांक 288/2026 धारा 420 भादवि के तहत दर्ज प्रकरण की विवेचना के दौरान आरोपी के संबंध में जानकारी जुटाई गई। पुलिस को यह भी पता चला कि आरोपी के विरुद्ध थाना चांपा जिला जांजगीर-चांपा में भी धोखाधड़ी का मामला दर्ज है। थाना प्रभारी कोतवाली निरीक्षक सुखनंदन पटेल द्वारा जांजगीर-चांपा पुलिस से समन्वय स्थापित कर विशेष टीम रवाना की गई। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने आरोपी को जांजगीर-चांपा से हिरासत में लेकर रायगढ़ लाया।
🔸 पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार की निवेश योजना संचालित करने की बात
पूछताछ के दौरान आरोपी विश्वजीत देवनाथ ने बताया कि वह लोगों से निवेश कराकर विभिन्न बैंक खातों और ट्रेडिंग प्लेटफार्म के माध्यम से शेयर बाजार में रकम लगाता था। प्रारंभिक अवधि में निवेशकों को ब्याज एवं राशि का भुगतान भी किया गया, जिससे और लोगों का निवेश बढ़ता गया। आरोपी ने बताया कि मई 2025 के बाद शेयर बाजार में भारी नुकसान होने के कारण वह निवेशकों की रकम वापस नहीं कर सका। आरोपी ने यह भी बताया कि उसके उपयोग की फॉर्च्यूनर वाहन तथा बैंकिंग दस्तावेज थाना चांपा में दर्ज प्रकरण में पूर्व में जप्त किए जा चुके हैं।
🔸 आरोपी गिरफ्तार, वित्तीय लेनदेन की जांच जारी
पुलिस ने आरोपी विश्वजीत देवनाथ पिता जतीन्द्र देवनाथ, उम्र 43 वर्ष, निवासी ईटला पोडापाड़ा, पोस्ट कालीहाट, थाना कोतवाली कृष्णानगर, जिला नदिया (पश्चिम बंगाल) को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया है। पुलिस अब आरोपी के बैंक खातों, ट्रेडिंग खातों तथा अन्य वित्तीय लेनदेन की विस्तृत जांच कर रही है। मामले में अन्य तथ्यों एवं संभावित निवेश नेटवर्क की भी जांच जारी है।













