Shopping cart

Magazines cover a wide array subjects, including but not limited to fashion, lifestyle, health, politics, business, Entertainment, sports, science,

TnewsTnews
  • Home
  • छत्तीसगढ़
  • लोककला की महान साधिका डॉ. तीजन बाई की स्मृतियों को चिरस्थायी बनाएगी राज्य सरकार : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
छत्तीसगढ़

लोककला की महान साधिका डॉ. तीजन बाई की स्मृतियों को चिरस्थायी बनाएगी राज्य सरकार : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने पद्म विभूषण स्व. डॉ. तीजन बाई को दी भावभीनी श्रद्धांजलि : गनियारी में आयोजित दशगात्र एवं श्रद्धांजलि सभा में हुए शामिल

रायपुर, 14 जुलाई 2026

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने पद्म विभूषण स्व. डॉ. तीजन बाई को दी भावभीनी श्रद्धांजलि

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय आज दुर्ग जिले के ग्राम गनियारी पहुंचे, जहां उन्होंने विश्वविख्यात पंडवानी गायिका, पद्मश्री, पद्मभूषण एवं पद्म विभूषण से सम्मानित स्वर्गीय डॉ. तीजन बाई के दशगात्र एवं श्रद्धांजलि सभा में शामिल होकर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। उनके पैतृक गृह ग्राम गनियारी में आयोजित इस शोकसभा में मुख्यमंत्री ने स्व. डॉ. तीजन बाई के तैलचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें सादर नमन किया तथा शोकसंतप्त परिजनों से भेंट कर अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं।मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर स्व. डॉ. तीजन बाई के पुत्र श्री दिलहरण पारधी तथा परिवार के अन्य सदस्यों से भेंट कर उनका हालचाल जाना और उन्हें ढांढस बंधाया।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि स्व. डॉ. तीजन बाई केवल छत्तीसगढ़ की नहीं, बल्कि पूरे देश की सांस्कृतिक पहचान थीं। उन्होंने अपनी विलक्षण प्रतिभा, अद्भुत साधना और पंडवानी की कापालिक शैली के माध्यम से छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति को विश्व पटल पर प्रतिष्ठित किया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि स्व. डॉ. तीजन बाई का योगदान  आने वाली पीढ़ियों को भी निरंतर प्रेरित करता रहेगा। स्व. डॉ. तीजन बाई का संपूर्ण जीवन लोककला, संस्कृति और परंपरा के संरक्षण एवं संवर्धन को समर्पित रहा। उन्होंने पंडवानी को विश्व मंच तक पहुंचाकर न केवल छत्तीसगढ़, बल्कि भारतीय लोक संस्कृति को वैश्विक पहचान दिलाई। उनकी कला, साधना और सांस्कृतिक विरासत आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव प्रेरणा का स्रोत बनी रहेगी।

उन्होंने कहा कि राज्योत्सव के अवसर पर प्रतिवर्ष ‘डॉ. तीजन बाई लोककला अलंकरण’ प्रदान किया जाएगा, जिसके माध्यम से लोक कला के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले कलाकारों का सम्मान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि ग्राम गनियारी स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय का नामकरण स्व. डॉ. तीजन बाई के नाम पर किया जाएगा, ताकि इस क्षेत्र के विद्यार्थी उनके जीवन, संघर्ष और उपलब्धियों से प्रेरणा प्राप्त कर सकें। मुख्यमंत्री ने यह कहा कि लोककला की महान साधिका डॉ. तीजन बाई की स्मृतियों को राज्य सरकार द्वारा चिरस्थायी रखते हुए  उनकी जीवनभर की कला-साधना के प्रतीक रहे तंबूरे को रायपुर के संग्रहालय में पूरे सम्मान के साथ संरक्षित रखा जाएगा, जिससे भविष्य की पीढ़ियां उनकी अमूल्य सांस्कृतिक विरासत से परिचित हो सकें।

श्रद्धांजलि सभा को सांसद श्री विजय बघेल, प्रदेश के पर्यटन, संस्कृति, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व मंत्री श्री राजेश अग्रवाल तथा विधायक पद्मश्री श्री अनुज शर्मा ने भी संबोधित किया। उन्होंने स्व. डॉ. तीजन बाई के व्यक्तित्व, कृतित्व और लोककला के क्षेत्र में उनके अतुलनीय योगदान पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

सभा में उपस्थित सभी लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की तथा उन्हें सामूहिक श्रद्धांजलि अर्पित की।

इस अवसर पर पद्मश्री श्री आर.एस. बारले, स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेन्द्र यादव, विधायक श्री डोमन लाल कोर्सेवाड़ा, छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष सुश्री मोना सेन सहित अन्य गणमान्यजन, छत्तीसगढ़ प्रदेश के विभिन्न अंचलों से पहुंचे कलाकार, स्थानीय पंचायत प्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में नागरिकगण उपस्थित थे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Posts