प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राजस्थान दौरे के दौरान जोधपुर एयरपोर्ट के नए टर्मिनल का उद्घाटन किया। इस दौरन उन्होंने कहा कि हम सब जानते हैं, हमारी आवश्यकताओं की करीब 60% LPG अन्य देशों से आयात की जाती हैं। इसमें से भी 90% LPG खाड़ी देशों से आ रही थीं, होर्मुज(जलडमरूमध्य) से होकर आ रही थीं। अचानक से युद्ध के हालातों ने उस आपूर्ति को लगभग बंद कर दिया। आप अंदाजा लगा सकते हैं कि हमारे देश में कितना बड़ा हाहाकार मचने जा रहा था… हमने संकट शुरू होते ही रिफाइनरी के सामर्थ्य पर ध्यान केंद्रित किया।
सात दिनों के भीतर LPG के उत्पादन पर बढ़ोतरी हुई जिन रिफाइनरी ने पहले कभी LPG नहीं बनाया था उन्हें भी इसके लिए आकार दिया गया। बहुत ही कम समय में भारत ने करीब 11 लाख से ज्यादा घरों को गैस के PNG कनेक्शन से जोड़ दिया। हमने एक और आपूर्ति को सुनिश्चित किया। दूसरी ओर घरेलू उपभोक्ताओं पर बहुत बोझ भी नहीं पड़ने दिया। जो हालात थे, उनमें घरेलू गैस सिलेंडरों की कीमत 2 हजार तक जा सकती थी लेकिन हमारे यहां अभी भी घरेलू LPG सिलेंडर 950 रुपये से भी कम में दिया जा रहा है…अब से दो दिन पहले सरकार ने कमर्शियल गैस की कीमतों में भी बहुत बड़ी कटौती कर दी है। ये दिखाता है कि हमारी सरकार कितनी संवेदनशीलता से काम कर रही है।
पीएम मोदी ने जोधपुर में नए एयरपोर्ट के उद्दघाटन के दौरान कहा कि नए टर्मिनल का आर्किटेक्चर और इंटीरियर पूरी तरह राजस्थान की संस्कृति और मारवाड़ की पहचान को दर्शाता है, जिसकी सोशल मीडिया पर भी काफी चर्चा हो रही है। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह अत्याधुनिक टर्मिनल पर्यटन, व्यापार और रोजगार को नई गति देगा। उन्होंने विश्वास जताया कि इससे मारवाड़ क्षेत्र की कनेक्टिविटी मजबूत होगी और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने पश्चिमी एशिया में जारी युद्ध का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इस संघर्ष के कारण पूरी दुनिया ऊर्जा संकट का सामना कर रही है और कई बड़े देश ईंधन की कमी से जूझ रहे हैं। हालांकि, भारत ने समय रहते सही रणनीति अपनाकर इस संकट का प्रभाव कम करने में सफलता हासिल की।
पीएम मोदी ने कहा कि भारत ने संकट के दौरान संतुलित संसाधन प्रबंधन, प्रभावी कूटनीति और दूरदर्शी फैसलों के जरिए स्थिति को संभाला। उन्होंने कहा कि जब कुछ लोग अफवाहें फैलाने में लगे थे, तब सरकार हर स्तर पर लगातार काम कर रही थी। उन्होंने इसे भारत की इच्छाशक्ति, धैर्य और रणनीतिक क्षमता का उदाहरण बताया। प्रधानमंत्री ने कहा कि संकट के समय उठाए गए संवेदनशील और निर्णायक कदमों को इतिहास हमेशा याद रखेगा।















