18 दिनों के ऐतिहासिक मिशन के बाद भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला आईएसएस से ड्रैगन ‘Grace’ कैप्सूल में धरती पर लौटे। शुभांशु शुक्ला ने अंतरिक्ष में सिर्फ वैज्ञानिक प्रयोग ही नहीं किए, बल्कि अपने शांत स्वभाव और तकनीकी कुशलता से पूरी टीम का दिल भी जीत लिया। NASA और ISRO के सहयोग से हुए Axiom-4 मिशन में शामिल शुक्ला को अंतरिक्ष में खास निकनेम मिला, जो अब उनकी पहचान का हिस्सा बन गया है। आईएसएस में उन्हें सभी लोग प्यार से Shux (शुक्स) बुलाते हैं।
1984 के बाद भारत के पहले अंतरिक्ष यात्री
39 वर्षीय शुभांशु शुक्ला ISS पर कदम रखने वाले पहले भारतीय और राकेश शर्मा (1984) के बाद अंतरिक्ष में जाने वाले केवल दूसरे भारतीय बने। उनकी यह ऐतिहासिक उड़ान 25 जून को कैनेडी स्पेस सेंटर से स्पेसएक्स फॉल्कन 9 रॉकेट के ज़रिए शुरू हुई और 18 दिन बाद सफलतापूर्वक पृथ्वी पर लौटकर पूरी हुई।
‘Shux’ निकनेम की कहानी
आईएसएस में शुभांशु के शांत और अनुशासित व्यक्तित्व से प्रभावित होकर उन्हें साथी अंतरिक्ष यात्रियों ने ‘Shux’ कहना शुरू किया। उनकी टीम में अमेरिका की पेग्गी व्हिटसन (कमांडर), पोलैंड के स्लावोश उज्नांस्की और हंगरी के टिबोर कापू शामिल थे।
शुक्ला का शांत और प्रोफेशनल व्यवहार, तकनीकी दक्षता और सौम्य व्यक्तित्व सबको प्रभावित कर रहा था। लेकिन उनके नाम shubhanshu को लगातार उच्चारण करना उनके विदेशी क्रूमेट्स के लिए थोड़ा मुश्किल था। इसलिए, बातचीत और टीम वर्क को आसान और अनौपचारिक बनाने के लिए, उन्होंने उन्हें एक छोटा और सहज निकनेम दिया- Shux। यह नाम Shubhanshu के पहले अक्षर Shu से लिया गया है।
गाजर और मूंग का हलवा
लॉन्च के तुरंत बाद उन्होंने हिंदी में कहा था, “कमाल की राइड थी!” ISS पर उन्होंने गाजर का हलवा और मूंग दाल का हलवा भी साथ लाया ताकि विदेशी साथी भारत का स्वाद चख सकें। उनका पसंदीदा गीत “यूं ही चला चल” अंतरिक्ष यात्रा की भावना को दर्शाता है।















