Shopping cart

Magazines cover a wide array subjects, including but not limited to fashion, lifestyle, health, politics, business, Entertainment, sports, science,

TnewsTnews
रायगढ़ आसपास

सरोवर नहीं बन पा रहे धरोहर

अतिक्रमण की चपेट में शहर के तालाब

देखरेख के अभाव में खो रहे अस्तित्व

न्यूज डेस्क। एंकर रायगढ़ शहर में तालाबों को सहेजने की योजना धरातल पर नहीं उतर पा रही है। योजना के तहत निगम ने शहर के 21 तालाबों को संवारने की जिम्मेदारी ली थी, निगम के बजट में तालाबों के लिए अलग से राशि का प्रावधान करने निर्णय भी लिया गया था। लेकिन यह विडंबना कही जाएगी की योजना सिर्फ कागजों तक ही सीमित रह गई। देखरेख के अभाव में तालाब सूख रहे हैं और अतिक्रमण का शिकार हो रहे हैं लेकिन निगम को इससे कोई सरोकार नहीं है।

 

दरअसल रायगढ़ शहर में बड़ी संख्या में तालाब हैं जिसकी वजह से पूर्व में इसे तालाबों का शहर कहा जाता था। लेकिन समय के साथ देखरेख के अभाव में तालाब सूखते चले गए और अतिक्रमण का शिकार होने लगे। आलम यह है कि नगर निगम क्षेत्र में अब 22 तालाब शेष हैं लेकिन उनके अस्तित्व पर भी संकट मंडरा रहा है। शहर के प्राइम लोकेशन के कुछ तालाब तो लगातार कब्जे की भेंट चढ़ रहे हैं। शहर के बूढी माई मंदिर तालाब में बड़ी संख्या में अवैध कब्जे हो चले हैं। तालाब का 25 फ़ीसदी हिस्सा अतिक्रमण की भेंट चढ़ चुका है। बीच शहर में होने और बेशकीमती जमीन होने की वजह से तालाब की जमीन पर लगातार कब्जे हो रहे हैं। कमोबेश शहर के चांदनी चौक स्थित बाग तालाब की भी वही स्थिति है। देखरेख नहीं होने की वजह से बाग तालाब 80 फ़ीसदी सूख चुका है। तालाब मैदान में तब्दील हो चुका है जिसके चलते तालाब में भी लगातार कब्जे हो रहे हैं। पूर्व में राजस्व विभाग के द्वारा किए गए सीमांकन में तालाब की जमीन पर 22 से अधिक अधिक लोगों के कब्जे पाए गए थे। खास बात यह है कि बड़े पैमाने पर कब्जे होने के बाद भी नगर निगम और राजस्व अमला मौन बैठा है। किसी तरह की कार्रवाई नहीं होने की वजह से अतिक्रमणकारियो के हौसले बुलंद हैं।
खास बात यह है कि शहर का जलस्तर लगातार गिर रहा है। बावजूद तालाबों को सहेजने के लिए अब तक सार्थक प्रयास नहीं हो सके हैं। 2 साल पहले नगर निगम ने 22 तालाबों की सूची बनाई थी। योजना के तहत उद्योगों के सी एस आर मद से तालाबों का सौंदर्यीकरण किया जाना था। लेकिन नगर निगम की ये योजना कागजों तक सीमित रह गई। ऐसे में निगम की उदासीनता को लेकर विपक्ष सवाल उठा रहा है। कांग्रेस का कहना है कि शहर में न सिर्फ तालाब सूख रहे हैं बल्कि लगातार समतल कर उन पर कब्जा किया जा रहा है लेकिन जिला प्रशासन इस ओर गंभीर नहीं है। इधर मामले में मेयर सफाई दे रहे हैं। मेयर का कहना है कि शहर के सात तालाबों को संवारने के लिए नगर निगम के बजट में प्रस्ताव रखा गया है। बाकी के तालाबों के सौंदर्यीकरण की योजना बनाई जा रही है। इसके लिए राज्य शासन को प्रस्ताव बनाकर भेजा जाएगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Posts