रामपुर में चार एकड़ जमीन का हुआ था चयन, सरकार बदलते ही अटकी योजना।

न्यूज डेस्क। रायगढ़ में बस टर्मिनल निर्माण की योजना तीन सालों से धरातल पर नहीं उतर पा रही है। योजना के तहत रामपुर इलाके में स्थल का चयन किया जा चुका है राज्य शासन से 5 करोड रुपए की स्वीकृति भी मिल चुकी है, लेकिन उसके बावजूद भी निर्माण की प्रक्रिया अटकी हुई है। इधर बीच शहर में बसों के परिचालन से न सिर्फ आए दिन जाम की स्थिति निर्मित हो रही है बल्कि हादसों का भी खतरा बना हुआ है। ऐसे में योजना में लेट लतीफी को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
दरअसल रायगढ़ शहर के केवड़ा बाड़ी इलाके में बरसों पुराना बस स्टैंड संचालित है। इस बस स्टैंड से हर दिन 100 से अधिक बसों का परिचालन होता है। बीच शहर में बसों के परिचालन की वजह से आए दिन यहां जाम की स्थिति निर्मित हो रही है। इतना ही नहीं लोग हादसों का शिकार भी हो रहे हैं। ऐसे में लंबे समय से इस इलाके के लोग बस स्टैंड को शहर से बाहर शिफ्ट करने की मांग कर रहे हैं। पूर्ववर्ती सरकार में बस स्टैंड को रामपुर इलाके में शिफ्ट करने की योजना बनाई गई थी। उसके लिए 5 एकड़ जमीन का चयन किया गया था। बस टर्मिनल निर्माण के लिए 5 करोड रुपए की स्वीकृति भी बजट में दी गई थी। लेकिन प्रदेश में सरकार बदलने के बाद योजना पर विराम लग गया। प्रदेश में भाजपा और नगर निगम में कांग्रेस की सरकार होने की वजह से योजना पर 1 इंच कम नहीं हो पाया। आलम यह है कि योजना ठंडे बस्ते में चली गई है। ऐसे में विपक्ष में बैठी कांग्रेस योजना के प्रति उदासीनता को लेकर सवाल उठा रही है। कांग्रेस का कहना है कि राज्य सरकार को कुछ योजनाओं पर दलगत राजनीति से ऊपर उठकर काम करना चाहिए।
इधर शहर सरकार भी बस स्टैंड शिफ्ट करने की योजना पर सहमत है। निगम सभापति का कहना है कि पूर्व में बस टर्मिनल निर्माण की योजना बनाई गई थी। किसी कारणवश योजना आगे नहीं बढ़ पाई। इस बजट में फिर से बस टर्मिनल निर्माण के प्रस्ताव को शामिल किया जाएगा। शहर से बाहर अच्छे स्थल की तलाश कर सर्व सुविधा युक्त बस टर्मिनल का निर्माण करने की योजना है।












