पवित्र रिश्ता सीरियल से घर-घर में पहचान बनाने वाली उषा नाडकर्णी ने मनोरंजन के क्षेत्र में सात दशकों से ज्यादा काम किया है। हिंदी और मराठी फिल्मों में अपनी छाप छोड़ने के बाद उन्होंने हिंदी टेलीविजन में भी बहुत नाम कमाया है। लेकिन पवित्र रिश्ते ने उनकी लोक्रप्रियता पहले से भी ज्यादा बढ़ा दी। पर्दे पर अपनी मजबूत अदाकारी के लिए मशहूर उषा नाडकर्णी की निजी जिंदगी बहुत मुश्किलों से भरी है।
80 साल की उम्र में अकेले जीवन बिताती हैं एक्ट्रेस
हाल ही में हुए एक इंटरव्यू के दौरान उषा ने बताया की वो साल 1987 से अकेले समय बिता रही हैं। उनका एक ही बेटा है जो विदेश में रहता है और भाई-बहनों को खोने के बाद उन्होंने अकेला रहना सीख लिया है।
इसी के साथ उन्होंने बताया कि पहले उन्हें अकेले रहने में बहुत डर लगता था। उन्होंने हमेशा ही ऐसा लगता रहता था की उनके ऊपर कोई हमला कर देगा। इसी वजह से वो हमेशा अपने गार्ड को घर के दरवाजे तक लेकर जाती थीं। लेकिन अब ऐसा कुछ भी नहीं है इतने साल अकेले रहने के बाद अब उन्हें आदत हो गई है।
अब मौत से डर नहीं लगता
इसी के साथ एक्ट्रेस ने बताया कि अकेले रहने की वजह से कभी-कभी उनके मन में मौत का ख्याल जरूर आता है लेकिन उन्हें इसे लेकर कोई डर नहीं है। उनका मानना है कि किसी को नहीं पता कि जिंदगी का अंत कब और किस तरह होगा। कुछ लोगों की मौत नींद में हो जाती है तो कुछ अस्पताल में आखिरी सांस लेते हैं। उषा ने मजाकिया अंदाज में कहा की अगर उनकी मौत नींद में हो गई तो पडोसी दरवाजा खटखटाकर यही सोचेंगे कि आज बुढ़िया ने दरवाजा क्यों नहीं खोला ?
नानी ने किया एक्ट्रेस के बेटे का पालन-पोषण
इसके बाद उषा ने अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर खुलकर बात की और उन्होंने बताया कि वो बहुत सालों पहले ही अपने पति से अलग हो गई थीं लेकिन उनके मन में किसी के लिया कोई वैर नहीं है। उषा का एक बेटा है, जिसका पालन पोषण एक्ट्रेस की मां यानि लड़के की नानी ने किया। ऐसा इस वजह से क्योंकि जब उनका बेटा छोटा था तो वो काम में काफी व्यस्त रहती थीं।
बेटा नहीं देता मां का दर्जा
इसी के साथ उन्होंने एक ऐसी बात बताई जो किसी भी मां के लिए सुनना काफी दुखद हो सकता है। उन्होंने बताया की उनका बेटा हर बार यही कहता है कि मैंने सिर्फ उसे जन्म दिया है, असली मां तो मेरी नानी ही है।
डर में बीता पूरा बचपन
इसी के साथ उन्होंने अपनी बचपन की बातें भी शेयर कीं, उन्होंने बताया कि उन्हें अपने जीवन में कभी भी पिता से पिता जैसा प्यार नहीं मिला। उन्होंने बताया कि उनके पिता एयर फोर्स में अफसर थे और बहुत ज्यादा हिंसक थे। हम हर समय बस डर में ही जीवन बिताते थे। यदि कोई भी चीज किसी जगह से अलग हो जाए तो वो बहुत हिंसक रूप ले लेते थे।















