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छत्तीसगढ़ की सेवा भावना को राष्ट्रीय सम्मान : बस्तर की ‘बड़ी दीदी’ बुधरी ताती एवं दंतेवाड़ा के सेवा समर्पित चिकित्सक दंपत्ति डॉ. रामचंद्र त्रयम्बक गोडबोले-सुनीता गोडबोले को पद्मश्री

छत्तीसगढ़ की सेवा भावना को राष्ट्रीय सम्मान : बस्तर की ‘बड़ी दीदी’ बुधरी ताती एवं दंतेवाड़ा के सेवा समर्पित चिकित्सक दंपत्ति डॉ. रामचंद्र त्रयम्बक गोडबोले-सुनीता गोडबोले को पद्मश्री

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने तीनों विभूतियों को दी बधाई

रायपुर, 25 जनवरी 2026

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने तीनों विभूतियों को दी बधाई

केंद्र सरकार द्वारा वर्ष 2026 के प्रतिष्ठित पद्म पुरस्कारों की घोषणा कर दी गई है। छत्तीसगढ़ के लिए यह अत्यंत गौरवपूर्ण का क्षण है कि राज्य की तीन विशिष्ट हस्तियों का चयन पद्मश्री सम्मान हेतु किया गया है। समाजसेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए दंतेवाड़ा की समाजसेविका बुधरी ताती तथा चिकित्सा सेवा के क्षेत्र में दशकों से निस्वार्थ कार्य कर रहे डॉ. रामचंद्र त्रयम्बक गोडबोले एवं सुनीता गोडबोले को पद्मश्री पुरस्कार से अलंकृत किया जाएगा। डॉ. गोडबोले दंपत्ति को यह सम्मान संयुक्त रूप से प्रदान किया जाएगा। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने उक्त तीनों विभिूतियों को पद्मश्री पुरस्कार के लिए चयनित होने पर बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री ने कहा है कि यह छत्तीसगढ़ के लिए गौरव की बात है। तीनों विभूतियों ने अपने सेवा भावना, मानवीय संवेदना और सामाजिक प्रतिबद्धता से छत्तीसगढ़ को गौरवान्वित किया है।

गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर घोषित पद्म पुरस्कारों की सूची में छत्तीसगढ़ की इन तीनों विभूतियों का नाम शामिल होना राज्य के लिए सम्मान और गौरव का विषय है। विशेष रूप से यह उल्लेखनीय है कि सम्मानित सभी हस्तियां बस्तर अंचल के दूरस्थ एवं नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में वर्षों से सेवा कार्य कर रही हैं।

बस्तर की ‘बड़ी दीदी’ बुधरी ताती को पद्मश्री

दंतेवाड़ा जिले के हीरानार ग्राम की निवासी बुधरी ताती को महिला सशक्तिकरण, आदिवासी उत्थान एवं समाजसेवा के लिए पद्मश्री सम्मान प्रदान किया जाएगा। वर्ष 1984 से वे निरंतर वनांचल क्षेत्रों में नशामुक्ति, साक्षरता अभियान, सामाजिक जागरूकता तथा महिलाओं एवं बालिका शिक्षा के क्षेत्र में कार्य कर रही हैं। बुधरी ताती अभी तक 500 से ज्यादा महिलाओं को आत्मनिर्भर बना चुकी हैं। बुधरी ताती को छत्तीसगढ़ सरकार के द्वारा भी सम्मानित किया जा चुका है। उन्होंने अपना संपूर्ण जीवन आदिवासी बच्चियों की शिक्षा, महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने तथा वृद्धजनों की सेवा के लिए समर्पित कर दिया है। उनके समर्पण और स्नेहभाव के कारण स्थानीय लोग उन्हें सम्मानपूर्वक ‘बड़ी दीदी’ कहकर संबोधित करते हैं।

दुर्गम अंचलों में निःशुल्क चिकित्सा सेवा देने वाले गोडबोले दंपत्ति सम्मानित

चिकित्सा सेवा के क्षेत्र में अनुकरणीय योगदान के लिए डॉ. रामचंद्र त्रयम्बक गोडबोले एवं उनकी धर्मपत्नी सुनीता गोडबोले को संयुक्त रूप से पद्मश्री सम्मान से नवाजा जाएगा। आयुर्वेद चिकित्सक डॉ. गोडबोले और उनकी पत्नी पिछले 37 वर्षों से अधिक समय से बस्तर एवं अबूझमाड़ जैसे अत्यंत दुर्गम आदिवासी क्षेत्रों में निःशुल्क चिकित्सा सेवा प्रदान कर रहे हैं।

स्वास्थ्य जागरूकता, कुपोषण उन्मूलन और प्राथमिक उपचार को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से दोनों ने ‘ट्रस्ट फॉर हेल्थ’ के माध्यम से ऐसे गांवों तक इलाज पहुंचाया है, जहां सड़क, बिजली और मोबाइल नेटवर्क जैसी मूलभूत सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं हैं। वे स्वयं पैदल अथवा सीमित साधनों के सहारे इन क्षेत्रों में पहुंचकर नियमित स्वास्थ्य शिविर आयोजित करते हैं और मरीजों का उपचार करते हैं।

पद्मश्री सम्मान के लिए छत्तीसगढ़ की इन विभूतियों का चयन राज्य की सेवा भावना, मानवीय संवेदना और सामाजिक प्रतिबद्धता को राष्ट्रीय पहचान दिलाता है। यह सम्मान न केवल संबंधित व्यक्तियों के लिए, बल्कि समूचे छत्तीसगढ़ विशेषकर बस्तर अंचल के लिए गर्व का विषय है और समाजसेवा के क्षेत्र में कार्यरत लोगों के लिए प्रेरणास्रोत भी है।

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