बर्तन दुकान में मोबाइल के जरिए चल रहा था ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा, नगदी 18,400 रूपये और 4 मोबाइल जब्त
12 मई, रायगढ़ । वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह के दिशा निर्देशन में जिले में जुआ-सट्टा के विरुद्ध चलाए जा रहे “ऑपरेशन अंकुश” के तहत रायगढ़ पुलिस लगातार प्रभावी कार्रवाई कर रही है। इसी कड़ी में दिनांक 11 मई 2026 को थाना पूंजीपथरा और साइबर थाना की संयुक्त टीम को सूचना मिली कि ग्राम गेरवानी में एक बर्तन दुकान के भीतर मोबाइल फोन के माध्यम से ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा संचालित किया जा रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने तत्काल मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और दबिश देकर दो आरोपियों को रंगे हाथ पकड़ा।
मौके पर आरोपी श्याम कुमार अग्रवाल अपने साथी सुरेश अग्रवाल के साथ मोबाइल फोन के जरिए रुपये-पैसों का हार-जीत आधारित ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा खिलाते मिला। पूछताछ में दोनों आरोपियों ने ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा संचालित करना स्वीकार किया। पुलिस ने आरोपी श्याम कुमार अग्रवाल के कब्जे से तीन मोबाइल फोन और नगद 17,000 रुपये तथा आरोपी सुरेश अग्रवाल के कब्जे से एक मोबाइल फोन और 1,400 रुपये बरामद कर गवाहों के समक्ष जप्त किया।
पूछताछ और मेमोरेण्डम कथन में आरोपी श्याम कुमार अग्रवाल ने बताया कि वह अपने साथी सुरेश अग्रवाल के साथ अलग-अलग स्थानों से मोबाइल फोन और बारकोड भुगतान प्रणाली के माध्यम से ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा संचालित करते थे। आरोपियों ने बताया कि सट्टे की राशि ग्राम गेरवानी निवासी खाईवाल रामफल अग्रवाल को नगद और डिजिटल भुगतान के जरिए पहुंचाई जाती थी। पुलिस टीम को देखकर रामफल अग्रवाल मौके से फरार हो गया, जिसकी तलाश की जा रही है।
थाना पूंजीपथरा में आरोपी श्याम कुमार अग्रवाल और सुरेश अग्रवाल के विरुद्ध छत्तीसगढ़ जुआ (प्रतिषेध) अधिनियम 2022 की धारा 4 एवं 7 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर वैधानिक कार्रवाई की गई है।
गिरफ्तार आरोपी-
1- श्याम कुमार अग्रवाल पिता स्वर्गीय बजरंग अग्रवाल, उम्र 43 वर्ष, निवासी ग्राम गेरवानी, जिला रायगढ़।
2- सुरेश अग्रवाल पिता स्वर्गीय दुर्गा प्रसाद अग्रवाल, उम्र 42 वर्ष, निवासी कृष्णा विहार कॉलोनी, रायगढ़।
जप्ती – नकदी रकम 18400 रूपये, 4 मोबाइल (विवो, रीयल मी)
फरार आरोपी –
रामफल अग्रवाल, निवासी ग्राम गेरवानी, जिला रायगढ़।
इस कार्रवाई में थाना प्रभारी पूंजीपथरा निरीक्षक रामकिंकर यादव, थाना प्रभारी साइबर निरीक्षक विजय चेलक, सहायक उप निरीक्षक उमाशंकर विश्वाल, नंद कुमार सारथी, प्रधान आरक्षक गजेन्द्र पैंकरा, बृजलाल गुर्जर तथा आरक्षक प्रशांत पंडा, पुष्पेन्द्र जाटवार, हेमसागर पटेल और आदिकंद प्रधान की सराहनीय भूमिका रही।













