रक्षा बंधन पर इस साल चंद्र ग्रहण लग रहा है। यह पूर्ण चंद्रग्रहण होगा। इसे ब्लड मून भी कहा जा रहा है। इस दौरान चंद्रमा लाल रंग में नजर आएगा। आपको बता दें कि 96 फीसदी चांद ही धरती की सेंट्रस डार्क शैडो से गुजरेगा और इसलिए पूर्ण चंद्रग्रहण के दौरान यह ब्लडमून लगेगा। चंद्रमा गहरे कॉपर लाल रंग और छोटी सिल्वर लाइ की तरह दिखने लगेगा। आपको बता दें कि इसे आसानी से आप देख सकेंगे। रक्ष बंधन के दिन यह ग्रहण लग रहा है तो इस ग्रहण को लेकर चिंता इस बात की भी होगी कि क्या राखी बांधन के समय में बदलाव किया जाएगा। भद्रा के अलावा क्या ग्रहण का सूतक काल भी माना जाएगा।
5 घंटे के लिए लगेगा चंद्र ग्रहण
आपको बता दें कि ग्रहण का कुल समय 5 घंटे 39 मिनट तक होगा। ग्रहण 28 अगस्त को सुबह 6.32 पर लगरहा है और इसी दिन दोपहर 12.32 तक रहेगा। इसका मतलब है कि ग्रहण के अधिकतम कुल मिलाकर 5 घंटे होंगे, लेकिन जिस समय ग्रहण होगा, उस समय भारत में दिन होगा, इस ग्रहण का असर भारत में नही हैं। इसका सूतक काल भी नहीं है।
राखी बांधने पर कोई असर नहीं?
आपको बता दें कि भारत में यह ग्रहण नहीं है, तो राखी बांधने पर इसका कोई असर नहीं होगा। 27 अगस्त को पूर्णिमा तिथि 8.31 बजे सुबह में शुरू होगी, अगले दिन 28 अगस्त को सुबह 9:18 बजे तक तिथि रहेगी। उदया तिथि 28 अगस्त को है। इस दिन राखी बांधने के लिए कोई परेशानी नहीं है। पूरे दिन राखी बांध सकते हैं।भद्रा एक दिन पहले लग रही है। रक्षा बंधन के दिन भद्रा नहीं है।
कहां-कहां दिखेगा चंद्र ग्रहण?
आपको बता दें कि पूरे यूरोप में यह ग्रहण दिखाई देगा। अफ्रीका में भी और अमेरिका में भी। इसके अलावा एशिया के पश्चिमी एशिया के कुछ भागों में यह देखने को मिलेगा। अमेरिका के कुछ भागों में ग्रहण थोड़ा ड्रामेटिक स्टेज में देखने को मिलेगा। अमेरिका में चांद के निकलते ही धरती की छाया इस पर पजडेगी। अधिकतर अमेरिका में ब्लड मून दिखेगा और अधिकतम ग्रहण के बाद ऐसा नजारा देखने को मिलेगा।
क्या रक्षा बंधन पर ग्रहण का असर होगा?
28 अगस्त को चंद्रग्रहण का सूतक काल भारत में नहीं होगा। वैसे चंद्रमा का सूतक काल 9 घंटे पहले लगता है। लेकिन इस ग्रहण का सूतक काल भीरत में नहीं दिखेगा। सूतक काल का कोई असर भारत में नही होगा। रक्षा बंधन के पर्व पर इसका कोई असर नहीं कहा जाएगा। कई भक्त इस दिन स्नान और दान करते हैं, जो हर ग्रहण पर करना चाहिए, चाहे वो पड़े या ना पड़े, क्योंकि ग्रहण का ज्योतिषिय प्रभाव भारत पर होता है। भले ही इसका धार्मिक असर पड़े या ना पड़े।













