बलौदाबाजार. जिले में मंगलवार को मोबाइल चलाने से मना करने पर पोती ने दादा की कुल्हाड़ी मारकर हत्या कर दी। इसके बाद वह पुलिस को गुमराह करती रही। हालांकि, सख्ती से पूछताछ करने पर उसने सारा सच उगल दिया। यह मामला पलारी थाना क्षेत्र का है।
जानकारी के मुताबिक, पुरुषोत्तम यादव (50) अपनी दो पोती के साथ ग्राम अमेरा में रहता था। 12 अगस्त को घर पर उसकी खून से लथपथ लाश मिली थी। वह सब्जी बेचने का काम करता था। जबकि बेटा रायपुर में रहकर मजदूरी करता है।
दरअसल, 9वीं क्लास में पढ़ने वाली पोती काफी ज्यादा समय तक मोबाइल चलाती थी। जिसे लेकर दादा उसे अक्सर डांटता था। घटना वाले दिन भी पोती कॉल पर किसी से बात कर रही थी, तो दादा ने उसे डांट दिया था। इससे नाराज होकर पोती ने हत्या की साजिश रची। छोटी बहन के स्कूल जाने के बाद उसने कुल्हाड़ी से हमला कर दिया।
जमीन पर गिरते हो उसने ताबड़तोड़ वार किए। सिर पर गंभीर चोट आने के कारण पुरुषोत्तम की मौके पर ही मौत हो गई। वारदात के बाद उसने स्कूल यूनिफॉर्म पहन लिया और लोगों को सूचना दी कि दादा की हत्या कर दी गई है।
बयान बदलने पर स्कूल पहुंची पुलिस
जब पुलिस ने पोती से पूछताछ कि तो उसने अलग-अलग बयान दिया। पुलिस स्कूल पहुंची और जानकारी ली तो पता चला कि वह स्कूल ही नहीं आई थी। जिसके बाद पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की और उसने अपना जुर्म कबूल किया। उसने बताया कि मोबाइल के इस्तेमाल को लेकर दादा की डांट-फटकार से परेशान होकर उसने यह कदम उठाया।
पोती को भेजा गया बाल सुधार गृह
फिलहाल, पुलिस ने पोती को हिरासत में लेकर बाल संप्रेक्षण गृह भेज दिया है। इस मामले में एडिशनल एसपी अभिषेक सिंह ने बताया कि पुरुषोत्तम अपनी पोती को मोबाइल चलाने पर डांटता था। कोई भी काम करने पर रोक-टोक करता था। इसी से नाराज होकर उसने कुल्हाड़ी से वार कर अपने दादा की हत्या कर दी।















