झारखंड में मौसम का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। पिछले 24 घंटे के दौरान राज्य के अलग-अलग जिलों में वज्रपात (आकाशीय बिजली) की घटनाओं में 16 लोगों की मौत हो गई, जबकि 28 लोग घायल हो गए हैं। मृतकों में महिलाएं और किसान भी शामिल हैं, जो खेतों में काम कर रहे थे या बारिश से बचने की कोशिश कर रहे थे।
हजारीबाग सबसे अधिक प्रभावित
हजारीबाग जिले में सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है, जहां वज्रपात की अलग-अलग घटनाओं में 3 लोगों की मौत हुई और 17 अन्य घायल हुए हैं।
बरकट्ठा प्रखंड: केंदुआ गांव के प्रयाग यादव (50) की मौत हो गई, जबकि उनकी पत्नी डोमनी देवी, सुंदरी देवी और उमा देवी घायल हो गईं।
चेचकप्पी गांव: पूर्व चौकीदार की पत्नी जसीमा खातून (62) की मौत हो गई, जबकि बेबी खातून (41) गंभीर रूप से झुलस गईं।
चौपारण: जगदीशपुर गांव में करिश्मा देवी (28) की मौत खेत से लौटते वक्त वज्रपात से हो गई।
भेलवारा चपवा गांव: धान रोप रही 4 महिलाओं समेत कुल 6 लोग घायल हुए।
चुरचू प्रखंड: इंदरा गांव में 5 लोग घायल हुए, जिनमें महिलाएं खेत में काम कर रही थीं।
अन्य जिलों में भी मौतें और घायल
गिरिडीह: तिसरी और जमुआ में 2 लोगों की मौत, 5 घायल।
जामताड़ा: नाला थाना क्षेत्र के भालजोड़िया गांव में एक महिला की मौत।
सरायकेला-खरसावां: नीमडीह प्रखंड में किसान समेत 3 लोगों की मौत।
लातेहार: बालूमाथ थाना क्षेत्र के झाबर गांव में एक युवक की मौत, एक महिला गंभीर।
पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा): नोवामुंडी में संगीता कैरम (39) की मौत।
दुमका: सरैयाहाट में धानरोपनी के दौरान उषा देवी (20) की मौत, एक महिला घायल।
गुमला: घाघरा थाना क्षेत्र के नाथपुर गांव में वृद्ध भैयाराम उरांव (67) की मौत, दो बकरियों की भी मौत।
रांची: अनगड़ा की मंझिलाटोली में सीता देवी (44) की मौत, उनकी बेटी घायल। देवरी थाना क्षेत्र में तीन अन्य लोग झुलस गए।
प्रशासन की अपील
प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम में सतर्क रहने की अपील की है। खेतों में काम करने वालों से कहा गया है कि बिजली चमकने पर तुरंत सुरक्षित स्थान पर जाएं। राज्य सरकार ने सभी जिलों में आपदा राहत दलों को अलर्ट पर रखा है और घायलों के इलाज की व्यवस्था की जा रही है।














