
रायगढ़। रायगढ़ में दो दिनों तक हुई लगातार बारिश ने निगम की सफाई व्यवस्था की पोल खोल कर रख दी। बारिश की वजह से शहर के दर्जन भर से अधिक मोहल्ले बाढ़ की चपेट में रहे। कई मोहल्ले में नालों का पानी लोगों के घरों में घुस गया। खास बात यह है कि नगर निगम ने बारिश के पहले व्यापक सफाई अभियान चलाकर सारी तैयारियां पुख्ता होने का दावा किया था। ऐसे में निगम की लचर व्यवस्था को लेकर जहां स्थानीय लोगों में नाराजगी है तो वहीं कांग्रेस निगम अधिकारियों को इसके लिए जिम्मेदार ठहरा रही है।

दरअसल बुधवार और गुरुवार की रात हुई लगातार बारिश की वजह से रायगढ़ शहर तर बतर रहा। बारिश की वजह से शहर के कई मोहल्लों में लोगों के घरों में पानी घुस गया। शहर के इंदिरा नगर, मोदी नगर, विनोबा नगर, सिद्धिविनायक कॉलोनी जैसे इलाके बाढ़ से सबसे ज्यादा प्रभावित रहे। यहां कालोनियों में नालों का गंदा पानी भर आया।
आलम यह था कि लोगों के घरों में कमर तक पानी भरा रहा। बारिश थमने के कुछ घंटे बाद किसी तरह पानी कम जरूर हुआ लेकिन निगम की अव्यवस्था और आधी अधूरी तैयारियों को लेकर लोग काफी नाराज रहे। लोगों का कहना था कि निगम को बार-बार आगाह करने के बाद भी नालों की ठीक से सफाई नहीं की गई। नालियों पर कब्जे की वजह से सारा पानी उनके घरों में घुस गया। बार-बार शिकायत के बाद भी घंटों तक उनकी सुध लेने वाला कोई नहीं था।
खास बात यह है कि नगर निगम ने लगातार 1 महीने तक नालों की सफाई के लिए अभियान चलाया था। निगम ने यह भी दावा किया था कि इस बार बाढ़ की स्थितियां निर्मित नहीं होगी। ऐसे में बाढ़ की त्रासदी के लिए विपक्ष में बैठी कांग्रेस शहर सरकार को इसके लिए जिम्मेदार ठहरा रही है। कांग्रेस का कहना है कि उनका प्रतिनिधिमंडल सफाई को लेकर अधिकारियों से मिला था। उन इलाकों के बारे में जानकारी दी गई थी जहां सफाई नहीं हुई है और बाढ़ की संभावना है। लेकिन अधिकारियों ने प्रॉपर सफाई नहीं कराई, नतीजन बाढ़ की स्थितियां निर्मित हुई। इधर मामले में नगर निगम कमिश्नर सफाई दे रहे हैं। उनका कहना है कि तकनीकी त्रुटियां की वजह से कुछ इलाकों में पानी भरा था। उन इलाकों में विशेष टीम लगाकर सफाई कराई जा रही है। आने वाले समय में इन इलाकों में पानी ना भरे इसके लिए योजनाबद्ध तरीके से काम किया जा रहा है। बारिश काफी तेज होने की वजह से इस तरह की स्थितियां निर्मित हुई।














