उपभोक्ताओं से 25 फीसदी वसूला जा रहा सरचार्ज। कांग्रेस ने की दरें कम करने की मांग

न्यूज डेस्क। रायगढ़ नगर निगम जलापूर्ति के मामले में भले ही फिसड्डी हो लेकिन वॉटर टैक्स में सरचार्ज वसूली के नाम पर प्रदेश में अव्वल है। जानकर हैरत होगी कि प्रदेश के अन्य निकायों में जहां 12 से 15 फ़ीसदी तक सरचार्ज वसूला जाता है तो वही रायगढ़ नगर निगम में वॉटर टैक्स पर सबसे अधिक 25 फ़ीसदी का सरचार्ज वसूला जा रहा है। मामले को लेकर कांग्रेस पार्षद दल ने निगम आयुक्त को शिकायत पत्र सौंपा है जिसमें सरचार्ज कम करने की मांग की गई है।
दरअसल रायगढ़ नगर निगम क्षेत्र में 10321 जल करदाता हैं। नगर निगम इसे ₹200 मासिक के हिसाब से वाटर टैक्स वसूलता है। निगम के आंकड़ों के मुताबिक लगभग 30 फ़ीसदी उपभोक्ता ही हर महीने वाटर टैक्स जमा करते हैं, जबकि बाकी के 70 उपभोक्ता साल के अंत में वित्तीय वर्ष समाप्ति पर एक साथ टैक्स का समायोजन करते हैं। नगर निगम इनसे 25 फीसदी सरचार्ज के साथ टैक्स की वसूली करता है। ऐसे में उपभोक्ताओं को 200 रुपए वाटर टैक्स और 50 रुपए सरचार्ज जोड़कर ढाई सौ रुपए महीने का भुगतान करना पड़ रहा है।
टैक्स के इसी स्लैब को लेकर कांग्रेस पार्षद दल ने आपत्ति दर्ज की है। कांग्रेस का कहना है कि वार्डों में अमृत मिशन योजना का पूरी तरह लाभ नहीं मिल पा रहा है। 24 घंटे जलापूर्ति का दावा करने वाली निगम बमुश्किल ढाई घंटे भी पानी की सप्लाई नहीं कर पा रही है। उस पर सर चार्ज भी अधिक वसूला जा रहा है जो कि गलत है। कांग्रेस महामंत्री शाखा यादव ने टैक्स स्लैब में बदलाव की मांग की है।
इधर मामले में नगर निगम आयुक्त भी स्लैब अधिक होने की बात स्वीकार कर रहे हैं। हालांकि उनका कहना है कि 1987 में नगर निगम में काबिज तत्कालीन प्रशासक ने टैक्स स्लैब में बदलाव किया था, जिसका संशोधन आज तक किसी कारणवश नहीं हो पाया है। मामले को लेकर राज्य शासन का ध्यान आकर्षण कराया गया है। टैक्स स्लैब में बदलाव के प्रयास किया जा रहे हैं।












