NCP SP यानी वरिष्ठ नेता शरद पवार की अगुवाई वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी में फेरबदल जारी हैं। खबर है कि पार्टी ने एक बार में सारे प्रवक्ताओं को बाहर कर दिया है। कहा जा रहा है कि पार्टी का पक्ष रखने वाले ये नेता उम्मीदों पर खरे नहीं उतर रहे थे। हालांकि, वजह को लेकर आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं बताया या है। इससे पहले भी एनसीपी एसपी ने संगठन स्तर पर कई बदलाव किए हैं।
इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार, एक पूर्व प्रवक्ता ने कहा, ‘हमें अचानक लिए गए इस फैसले के बारे में कुछ नहीं पता है। यह जरूर चल रहे संगठन फेरबदल का हिस्सा रहा होगा। हमें जल्द ही नई नियुक्तियों के बारे में पता चलेगा।’ रिपोर्ट के अनुसार, मंगलवार रात पार्टी नेता शशिकांत शिंदे ने एक प्रेस नोट के जरिए सभी प्रवक्ताओं के अपॉइंटमेंट्स रद्द कर दिए थे।
क्या है वजह
शिंदे का कहना था कि जब तक नई नियुक्तियां नहीं कर दी जाती, तब तक महाराष्ट्र विधानपरिषद की पूर्व सदस्य विद्या चव्हाण और पार्टी नेता महेश तापसे प्रवक्ताओं की जिम्मेदारी संभालेंगे।
खास बात है कि बीते दो सप्ताह में एनसीपी एसपी ने कई बड़े बदलाव किए हैं। कुछ समय पहले शिंदे ने पार्टी की स्टूडेंट विंग का अध्यक्ष बनाया है। जबकि, विशाल वाकडकर को युवा मोर्चे की जिम्मेदारी दी गई है। साथ ही राम राठौड़ को टीचर्स सेल का प्रमुख बनाया गया है। संभावनाएं जताई जा रहीं हैं कि पार्टी आने वाले समय में और भी बदलाव कर सकती है। बहरहाल, इसे लेकर आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा गया है।
पेपर में गड़बड़ी का मुद्दा उठा रही है शरद पवार की पार्टी
ये बदलाव ऐसे समय पर हो रहे हैं, जब पार्टी ने परीक्षाओं में अनियमितताओं के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। विधायक रोहित पवार ने MHT-CET यानी महाराष्ट्र स्वास्थ्य एवं तकनीकी समान प्रवेश परीक्षा को लेकर सवाल उठाए हैं। उन्होंने राज्य के मंत्री राधाकृष्ण विखे पाटिल के इस्तीफे की मांग की है। पवार ने मंगलवार को यहां संवाददाता सम्मेलन में दावा किया कि भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार के कार्यकाल में परीक्षा प्रणाली में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हुआ है।
उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व की जांच में ऐसे साक्ष्य मिले थे, जिनसे पता चलता है कि परीक्षा का प्रश्नपत्र 25 लाख रुपये में लीक किया गया था। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी के प्रतिनिधि इस मामले में आगे की कार्रवाई के लिए भायखला पुलिस थाने जाएंगे।
उन्होंने आबकारी विभाग की भर्ती परीक्षा से जुड़े अतिरिक्त साक्ष्य मिलने का भी दावा करते हुए आरोप लगाया कि परीक्षा की अंकन प्रणाली लीक हुई थी। उन्होंने तलाठी भर्ती परीक्षा में भी कथित अनियमितताओं का उल्लेख करते हुए कहा कि इन घटनाओं से प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं।














