लैलूंगा पुलिस की कार्रवाई: ओडिशा से उत्तर प्रदेश ले जाई जा रही थी खेप, आई10 कार समेत 16.24 लाख की संपत्ति जब्त
रायगढ़ | 24 जुलाई. रायगढ़ पुलिस के ‘ऑपरेशन आघात’ के तहत लैलूंगा पुलिस ने मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने ओडिशा से उत्तर प्रदेश ले जाई जा रही 26.484 किलोग्राम गांजा की खेप को आई10 कार सहित जब्त कर वाराणसी (उत्तर प्रदेश) के एक तस्कर को गिरफ्तार किया है। जब्त गांजा की कीमत 13.24 लाख रुपये तथा कार सहित कुल जब्ती 16.24 लाख रुपये आंकी गई है।
एसएसपी शशि मोहन सिंह के निर्देशन में जिले की सीमाओं पर मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए लगातार निगरानी रखी जा रही है। इसी दौरान थाना प्रभारी उप निरीक्षक गिरधारी साव को मुखबिर से सूचना मिली कि सफेद रंग की आई10 कार (OD-15-P-1800) में ओडिशा से गांजा लेकर एक तस्कर लैलूंगा-पत्थलगांव मार्ग से उत्तर प्रदेश की ओर जा रहा है।
सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने कटकलिया-फोकटपारा तिराहा पर नाकाबंदी कर वाहन को घेर लिया। पुलिस को देखकर चालक ने भागने का प्रयास किया, लेकिन टीम ने तत्परता से उसे पकड़ लिया। पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम अर्जुन उपाध्याय (24), निवासी कैथापुर, थाना राजा तालाब, जिला वाराणसी (उत्तर प्रदेश) बताया।
एनडीपीएस एक्ट की प्रक्रिया का पालन करते हुए वाहन की तलाशी ली गई। कार से 13 पैकेटों में 26.484 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ। बरामद गांजा की अनुमानित कीमत 13 लाख 24 हजार 200 रुपये आंकी गई। पुलिस ने तस्करी में प्रयुक्त करीब 3 लाख रुपये कीमत की आई10 कार भी जब्त कर ली। इस प्रकार कुल 16 लाख 24 हजार 200 रुपये मूल्य की संपत्ति जब्त की गई।
आरोपी के विरुद्ध थाना लैलूंगा में अपराध क्रमांक 238/2026 के तहत धारा 20(बी) एनडीपीएस एक्ट के अंतर्गत मामला दर्ज कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।
भास्कर फैक्ट फाइल
- जब्त गांजा: 26.484 किलोग्राम
- गांजा की कीमत: ₹13.24 लाख
- जब्त वाहन: आई10 कार (OD-15-P-1800)
- वाहन की कीमत: ₹3 लाख
- कुल जब्ती: ₹16.24 लाख
- गिरफ्तार आरोपी: अर्जुन उपाध्याय (24), वाराणसी (उ.प्र.)
- कार्रवाई: थाना लैलूंगा पुलिस
एसएसपी ने कहा
“रायगढ़ जिले की सीमाओं का इस्तेमाल मादक पदार्थों की तस्करी के लिए किसी भी कीमत पर नहीं होने दिया जाएगा। सीमावर्ती क्षेत्रों में पुलिस की निगरानी और कार्रवाई लगातार तेज की गई है। नशे के नेटवर्क को खत्म करना रायगढ़ पुलिस की प्राथमिकता है और ऑपरेशन आघात के तहत यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।” — शशि मोहन सिंह, एसएसपी रायगढ़















