धरमजयगढ़ क्षेत्र के क्रोंधा गांव की घटना, पुलिस-फॉरेंसिक और डॉग स्क्वॉड जांच में जुटे, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार
रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के धरमजयगढ़ थाना क्षेत्र के क्रोंधा गांव में बुधवार सुबह उस समय सनसनी फैल गई, जब एक घर के अंदर बुजुर्ग दंपती के संदिग्ध परिस्थितियों में अधजले शव मिले। प्रारंभिक तौर पर हत्या के बाद शवों को जलाने की आशंका जताई जा रही है। सूचना मिलते ही पुलिस, फॉरेंसिक विशेषज्ञ और डॉग स्क्वॉड की टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी।
मृतकों की पहचान मंगलूराम राठिया (65 वर्ष) और उनकी पत्नी पुनई बाई राठिया के रूप में हुई है। दोनों मूल रूप से घरघोड़ा क्षेत्र के औरामुड़ा गांव के निवासी थे। मंगलूराम राठिया एसईसीएल से सेवानिवृत्त कर्मचारी थे और लोडर ऑपरेटर के पद पर कार्यरत रहे थे। करीब पांच वर्ष पहले सेवानिवृत्ति के बाद उन्होंने क्रोंधा गांव में लगभग चार एकड़ जमीन खरीदकर मकान बनाया था और वहीं खेती-बाड़ी कर रहे थे।
बताया जा रहा है कि मंगलवार रात दोनों अपने घर में मौजूद थे। बुधवार सुबह खेती और घर की देखरेख के लिए रखा गया कर्मचारी जब वहां पहुंचा तो घर के अंदर दोनों के अधजले शव देखकर उसके होश उड़ गए। उसने तत्काल सरपंच और ग्रामीणों को सूचना दी, जिसके बाद पुलिस को घटना की जानकारी दी गई।
मृतक के दामाद वीर सिंह ने बताया कि पहली नजर में यह मामला हत्या का प्रतीत होता है। उनका कहना है कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने पहले दंपती की हत्या की और बाद में साक्ष्य मिटाने की नीयत से शवों को आग लगा दी।
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधिकारियों के साथ फॉरेंसिक टीम और डॉग स्क्वॉड ने मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए। शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है।
इधर, ग्रामीणों में भी इस घटना को लेकर भारी आक्रोश और दहशत का माहौल है। अधिकांश ग्रामीण इसे हत्या का मामला मान रहे हैं। हालांकि पुलिस ने फिलहाल किसी भी संभावना की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट, फॉरेंसिक जांच और अन्य साक्ष्यों के आधार पर ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा किया जाएगा।















