रायगढ़, 18 मार्च। तमनार थाना क्षेत्र के ग्राम मिलूपारा सिदारपारा में हुए चौकीदार की संदिग्ध मौत के मामले में पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए अंधे कत्ल का खुलासा कर दिया है। इस सनसनीखेज मामले में मृतक का साथी ही हत्यारा निकला, जिसने वारदात के बाद पुलिस को गुमराह करने के लिए झूठी कहानी गढ़ी थी।
क्या है मामला
घटना 9 मार्च 2026 की रात की है, जब बिजली कंपनी के टावर में चौकीदारी करने वाले लखन उर्फ धरभईया चौधरी (46) का शव 10 मार्च की सुबह खेत की मेड़ पर मिला था। शव पर गंभीर चोटों के निशान पाए गए, जिसके बाद हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।
झूठी कहानी से गुमराह करने की कोशिश
मृतक के साथी अजहर अली (63) ने खुद को प्रत्यक्षदर्शी बताते हुए दावा किया था कि 4-5 अज्ञात लोगों ने हमला कर लखन का अपहरण कर लिया। उसने बताया कि वह जान बचाकर भाग गया था। हालांकि, पूछताछ में उसके बयान बार-बार बदलते रहे, जिससे पुलिस को उस पर संदेह हुआ।
वैज्ञानिक जांच से खुला राज
पोस्टमार्टम के दौरान मृतक के मुंह में प्लास्टिक का एक टुकड़ा मिला, जो अहम सुराग साबित हुआ। पुलिस ने इस आधार पर जांच को आगे बढ़ाया और वैज्ञानिक तरीकों से पूछताछ में आरोपी टूट गया।
आरोपी ने कबूला जुर्म
पूछताछ में अजहर अली ने स्वीकार किया कि खाना बनाने की बात को लेकर उसका लखन से विवाद हुआ था। गुस्से में उसने टॉर्च से हमला कर और गला दबाकर हत्या कर दी। बाद में सबूत मिटाने के लिए टॉर्च धो दी और कपड़े जला दिए। संदेह से बचने के लिए उसने झूठी कहानी गढ़ी।
टॉर्च बना सबसे बड़ा सबूत
पुलिस ने आरोपी के किराए के मकान से खून लगा टॉर्च बरामद किया, जिसका एक प्लास्टिक टुकड़ा मृतक के मुंह में मिला था। यही इस केस का सबसे अहम सबूत साबित हुआ।
आरोपी गिरफ्तार, भेजा गया जेल
पुलिस ने आरोपी अजहर अली को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। मामले में साक्ष्य छिपाने की धारा भी जोड़ी गई है।
पुलिस टीम को मिलेगा सम्मान
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने इस मामले के सफल खुलासे के लिए तमनार पुलिस टीम की सराहना करते हुए सभी को पुरस्कृत करने की घोषणा की है।















