हिंदू धर्म में सावन का आखिरी सोमवार देवों के देव महादेव और माता पार्वती की कृपा प्राप्त करने और उन्हें प्रसन्न करने के लिए बहुत पावन अवसर माना जाता है। इस बार सावन का आखिरी सोमवार 24 अगस्त को पड़ रहा है। माना जाता है कि इस दिन शिव जी के साथ माता पार्वती की पूजा करने से जीवन के हर क्षेत्र मनचाही सफलता प्राप्त होती है और जीवन के सारे कष्ट दूर होते हैं। यदि आप मनोवांछित फल, सुखी वैवाहिक जीवन और घर में सुख-समृद्धि चाहते हैं, तो सावन के अंतिम सोमवार के दिन कन्या पूजन अवश्य करें। छोटे बच्चों में देवी का वास माना जाता है, और कन्या पूजन से मां गौरी शीघ्र प्रसन्न होती हैं।
सावन के अंतिम सोमवार पर कन्या पूजन की सही विधि
कन्याओं का आमंत्रण
सावन सोमवार के शुभ दिन 2 से 10 वर्ष तक की 9 कन्याओं और एक छोटे बालक को आदरपूर्वक अपने घर आमंत्रित करें।
चरण धुलकर आसन देना
जब कन्याएं घर आएं, तो उनके चरणों को स्वच्छ जल या दूध-जल के मिश्रण से पखारें और उन्हें साफ एवं आरामदायक आसन पर बिठाएं।
तिलक और श्रृंगार
सभी कन्याओं के मस्तक पर कुमकुम, रोली और अक्षत का सुंदर तिलक लगाएं। उनके हाथों में कलावा बांधें और मां पार्वती का ध्यान करते हुए उन्हें लाल चुनरी या वस्त्र भेंट करें।
सात्विक भोजन कराएं
कन्याओं को शुद्ध देसी घी से बना सात्विक भोजन कराएं। इसमें हलवा, पूरी, चने का प्रसाद और खीर परोसना बहुत शुभ माना जाता है।
दक्षिणा और उपहार
भोजन कराने के उपरांत कन्याओं को अपनी सामर्थ्य अनुसार फल, श्रृंगार सामग्री और दक्षिणा दें। अंत में उनके चरण स्पर्श करके आशीर्वाद लें और उन्हें ससम्मान विदा करें।













