विद्यार्थियों के भविष्य निर्माण और उच्च शिक्षा का विस्तार हमारी प्राथमिकता-वित्त मंत्री श्री चौधरी
नए भवन में 12 कक्षाएं, 9 प्रयोगशालाएं, पुस्तकालय, कंप्यूटर लैब, सेमिनार हॉल के साथ बनेगा सांस्कृतिक मंच
युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए सरकार दे रही आर्थिक सहायता, रायगढ़ में 40 करोड़ से बन रहा नालंदा परिसर
रायगढ़, 2 नवम्बर 2026/ राज्योत्सव के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में जिले में उच्च शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत बनाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण सौगात मिली है। इसी कड़ी में वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक श्री ओ.पी. चौधरी ने सोमवार शाम शासकीय किरोड़ीमल स्नातकोत्तर महाविद्यालय रायगढ़ में 10 करोड़ 78 लाख 80 हजार रुपये की लागत से प्रस्तावित भवन एवं प्रयोगशाला निर्माण कार्य का भूमिपूजन किया। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के छायाचित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया।
इस अवसर पर वित्त मंत्री श्री ओ.पी.चौधरी ने कहा कि महाविद्यालय में दशकों से भवन एवं शैक्षणिक अधोसंरचना के विस्तार की मांग की जा रही थी, जो अब पूरी होने जा रही है। महाविद्यालय के पुराने भवन का विस्तार करने के साथ नए भवन का निर्माण किया जाएगा। इससे महाविद्यालय की तस्वीर बदलेगी और विद्यार्थियों को आधुनिक शैक्षणिक सुविधाएं मिलेंगी। निर्माण कार्य में 12 कक्षाएं, 9 प्रयोगशालाएं, स्टाफ रूम, पुस्तकालय, कंप्यूटर लैब और सेमिनार हॉल जैसी सुविधाएं विकसित होंगी। इसके साथ ही स्थायी सांस्कृतिक मंच और डोम का भी निर्माण किया जाएगा, जिससे विद्यार्थियों को सांस्कृतिक एवं अन्य कार्यक्रमों के आयोजन के लिए अलग से मंच तैयार नहीं करना पड़ेगा।
वित्त मंत्री श्री चौधरी ने निर्माण एजेंसी एवं लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि निर्माण कार्य एक वर्ष के भीतर पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता नहीं होना चाहिए। सरकार द्वारा विद्यार्थियों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए यह राशि स्वीकृत की गई है, इसलिए निर्माण कार्य निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा होना चाहिए।
प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए युवाओं को मिलेगी आर्थिक सहायता
वित्त मंत्री ने विद्यार्थियों को करियर निर्माण के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि जीवन के इस महत्वपूर्ण पड़ाव पर अगले चार-पांच वर्षों की मेहनत उनके भविष्य की दिशा तय करेगी। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार की युवा योजना के तहत यूपीएससी की तैयारी करने वाले चयनित 200 विद्यार्थियों को कोचिंग शुल्क, दिल्ली में रहने और भोजन के लिए लगभग 3.50 से 4 लाख रुपये तक की सहायता दी जाती है। इसी तरह पीएससी, एसएससी, रेलवे, बैंकिंग और व्यापम जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं के लिए शिखर, उड़ान और मंजिल योजनाएं भी शुरू की गई हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से इन योजनाओं का लाभ उठाने और लक्ष्य निर्धारित कर मेहनत करने का आह्वान किया।
40 करोड़ की लागत से बन रहा प्रदेश का सबसे बड़ा नालंदा परिसर
वित्त मंत्री श्री चौधरी ने बताया कि रायगढ़ में केलो नदी के किनारे लगभग 40 करोड़ रुपये की लागत से प्रदेश का सबसे बड़ा नालंदा परिसर विकसित किया जा रहा है। यहां प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए पुस्तकालय, करियर मार्गदर्शन, उद्यमिता, स्वरोजगार और विभिन्न क्षेत्रों में मार्गदर्शन एवं सहायता की सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इसके अलावा रायगढ़ में उद्यानिकी महाविद्यालय, प्रयास विद्यालय, कला एवं संगीत महाविद्यालय, फिजियोथेरेपी कॉलेज, प्राकृतिक चिकित्सा महाविद्यालय और बीपीएड कॉलेज जैसी शैक्षणिक सुविधाओं का भी विस्तार किया जा रहा है। विधि महाविद्यालय के लिए भी 6 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है।
वित्त मंत्री श्री चौधरी ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि सफलता के लिए मेहनत, अनुशासन और दृढ़ संकल्प के साथ आगे बढ़ना जरूरी है। उन्होंने अपने जीवन के संघर्षों का उदाहरण देते हुए कहा कि एक सामान्य ग्रामीण परिवार से निकलकर कठिन परिश्रम के बल पर लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। उन्होंने महाविद्यालय के प्राध्यापकों एवं विद्यार्थियों से सकारात्मक सोच के साथ मिलकर संस्थान को प्रदेश के सर्वश्रेष्ठ महाविद्यालयों में स्थापित करने का आह्वान किया। साथ ही महाविद्यालय में वार्षिक उत्सव के आयोजन के लिए 50 हजार रुपये तक की सहायता देने की घोषणा भी की।
इस अवसर अवसर पर महापौर श्री जीवर्धन चौहान, सभापति श्री डिग्रीलाल साहू, श्री सुरेश गोयल, श्री पंकज कंकरवाल, श्री मुकेश जैन, कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी सहित जनप्रतिनिधि, महाविद्यालय के प्राध्यापक एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे। विद्यार्थियों ने छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति को प्रदर्शित करते हुए करमा नृत्य की आकर्षक प्रस्तुति दी। महाविद्यालय परिवार की ओर से अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया तथा प्राचार्य डॉ. आनंद कुमार शर्मा ने वित्त मंत्री को स्मृति चिह्न भेंट किया।
पुराने भवन के साथ नए भवन में भी होगा विस्तार
प्रस्तावित निर्माण कार्य के तहत महाविद्यालय के पुराने भवन के ऊपर 6 नए कक्षाओं और 3 प्रयोगशालाओं का निर्माण किया जाएगा। वहीं नवीन भवन को भूतल एवं प्रथम तल के रूप में विकसित किया जाएगा। भूतल में एक स्टाफ रूम, दो कक्षाएं, एक पुस्तकालय और चार प्रयोगशालाएं बनाई जाएंगी। इसी तरह प्रथम तल पर चार कक्षाएं, एक कंप्यूटर प्रयोगशाला, एक सेमिनार हॉल और दो प्रयोगशालाओं का निर्माण किया जाएगा। इस प्रकार निर्माण कार्य पूर्ण होने पर महाविद्यालय को कुल 12 नई कक्षाएं और 9 प्रयोगशालाएं मिलेंगी। इसके साथ ही पुस्तकालय, कंप्यूटर लैब, सेमिनार हॉल एवं स्टाफ रूम जैसी सुविधाओं का भी विस्तार होगा।
प्रायोगिक एवं तकनीकी शिक्षा को मिलेगा बढ़ावा
नई प्रयोगशालाओं के निर्माण से विभिन्न विषयों के विद्यार्थियों को प्रायोगिक अध्ययन के लिए बेहतर संसाधन उपलब्ध होंगे। कंप्यूटर प्रयोगशाला से तकनीकी एवं डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा, वहीं सेमिनार हॉल में शैक्षणिक संगोष्ठियों, व्याख्यानों और अन्य अकादमिक गतिविधियों का आयोजन किया जा सकेगा। पुस्तकालय के विस्तार से विद्यार्थियों को अध्ययन एवं संदर्भ सामग्री की बेहतर सुविधा मिलेगी।















