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रायगढ़ साइबर पुलिस की बड़ी कामयाबी: 150 गुम मोबाइल बरामद, 37.50 लाख से अधिक की संपत्ति पुलिस ने लौटाई

रायगढ़ साइबर पुलिस का ‘डिजिटल ट्रैक’, CEIR पोर्टल और नवीन तकनीक की मदद से गुम मोबाइल को ढूंढ़ा

सीमावर्ती ओडिसा, बिहार, कोलकाता और छत्तीसगढ़ के जिलों से मोबाइल की हुई वापसी

जिस मोबाइल के मिलने की छोड़ दी थी उम्मीद, वही हाथ में आया तो खिल उठे चेहरे; 150 परिवारों ने कहा—थैंक्यू रायगढ़ पुलिस

“दूसरे का गुम मोबाइल अपने पास रखना भी गलत, पुलिस को सौंपें—ट्रैक होने पर होगी कानूनी कार्रवाई” — एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह

24 अगस्त, रायगढ़ । साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण और आम नागरिकों की संपत्ति की सुरक्षा को लेकर रायगढ़ पुलिस द्वारा लगातार तकनीक आधारित कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह के दिशा निर्देशन पर साइबर पुलिस थाना रायगढ़ ने बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए पिछले तीन माह में गुम एवं चोरी हुए 150 मोबाइल फोन ट्रेस कर बरामद किए हैं। बरामद मोबाइलों की कुल कीमत 37 लाख 50 हजार रुपये से अधिक है। पुलिस कंट्रोल रूम में आयोजित कार्यक्रम के दौरान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह, एडिशनल एसपी श्री अनिल कुमार सोनी, नगर पुलिस अधीक्षक श्री मयंक मिश्रा, साइबर थाना प्रभारी निरीक्षक विजय चेलक एवं साइबर पुलिस टीम की मौजूदगी में बरामद मोबाइल उनके वास्तविक स्वामियों को सौंपे गए।

CEIR पोर्टल बना गुम मोबाइल तलाशने में कारगर माध्यम

जिले के विभिन्न थानों में गुम मोबाइल संबंधी शिकायतों के निराकरण के लिए भारत सरकार के दूरसंचार विभाग द्वारा विकसित CEIR (Central Equipment Identity Register) पोर्टल का लगातार उपयोग किया जा रहा है। मोबाइल गुम या चोरी होने के बाद शिकायतकर्ता द्वारा CEIR पोर्टल पर मोबाइल की जानकारी दर्ज करने पर संबंधित मोबाइल का IMEI नंबर सिस्टम में दर्ज किया जाता है और मोबाइल को ब्लॉक करने की प्रक्रिया शुरू होती है। इसके बाद साइबर पुलिस संबंधित मोबाइल को तकनीकी निगरानी में रखती है।

जब कोई व्यक्ति गुम मोबाइल में दूसरी सिम डालकर उसका उपयोग करता है तो टेलीकॉम नेटवर्क के माध्यम से प्राप्त नई गतिविधि की जानकारी साइबर पुलिस तक पहुंचती है। इसके बाद पुलिस तकनीकी जानकारी का विश्लेषण कर मोबाइल की लोकेशन और उपयोगकर्ता की पहचान तक पहुंचती है तथा टेलीकॉम कंपनियों के सहयोग से मोबाइल को बरामद करती है।

तीन महीने में 150 मोबाइल ट्रेस, कई राज्यों तक पहुंची पुलिस

साइबर डीएसपी श्री शिखर मरावी के पर्यवेक्षण और साइबर थाना प्रभारी निरीक्षक विजय चेलक के नेतृत्व में टीम ने CEIR पोर्टल से प्राप्त शिकायतों पर लगातार कार्रवाई की। पिछले तीन महीनों में 150 मोबाइल फोन सफलतापूर्वक ट्रेस एवं रिकवर किए गए। ये मोबाइल रायगढ़ जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों के अलावा बिहार, कोलकाता, कोरबा, जांजगीर तथा धरमजयगढ़, घरघोड़ा, पूंजीपथरा, तमनार, छाल और खरसिया क्षेत्र में उपयोग किए जा रहे थे।

साइबर पुलिस ने नवीन तकनीक से प्राप्त जानकारी के आधार पर संबंधित उपयोगकर्ताओं से संपर्क किया और मोबाइल वापस प्राप्त किए। इसके बाद आवश्यक सत्यापन एवं प्रक्रिया पूरी कर सभी मोबाइल उनके वास्तविक स्वामियों को सौंपे गए।

Vivo से OnePlus तक, 37.50 लाख से ज्यादा के मोबाइल वापस

थाना साइबर पुलिस द्वारा बरामद मोबाइलों में Vivo, Oppo, Redmi, Poco, Realme, OnePlus, Samsung और Motorola सहित कई नामी कंपनियों के महंगे स्मार्टफोन शामिल हैं। इन 150 मोबाइलों की कुल अनुमानित कीमत 37 लाख 50 हजार रुपये से अधिक है।

मोबाइल वापस मिलने वालों में ऐसे लोग भी शामिल रहे, जिन्होंने लंबे समय से अपने फोन के मिलने की उम्मीद छोड़ दी थी। पुलिस द्वारा जब उन्हें उनका मोबाइल वापस सौंपा गया तो उनके चेहरों पर खुशी साफ दिखाई दी। कई लोगों ने भावुक होकर एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह और साइबर पुलिस टीम का आभार व्यक्त किया तथा पुलिस अधिकारियों के साथ सेल्फी भी ली।

एसएसपी बोले—मोबाइल में सिर्फ नंबर नहीं, लोगों की पूरी डिजिटल दुनिया होती है

मोबाइल वितरण कार्यक्रम में एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह ने कहा कि वर्तमान समय में मोबाइल केवल बातचीत का साधन नहीं रह गया है। इसमें लोगों की बैंकिंग जानकारी, महत्वपूर्ण दस्तावेज, निजी फोटो, संपर्क नंबर, सोशल मीडिया अकाउंट और व्यक्तिगत यादें सुरक्षित रहती हैं। ऐसे में मोबाइल गुम होना किसी व्यक्ति के लिए आर्थिक नुकसान के साथ-साथ निजी जानकारी की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर विषय भी है।

उन्होंने कहा कि किसी अन्य व्यक्ति का गुम या चोरी हुआ मोबाइल अपने पास रखना अथवा उसका उपयोग करना उचित नहीं है। यदि किसी नागरिक को रास्ते में कोई मोबाइल मिलता है तो उसे स्वयं इस्तेमाल करने के बजाय तत्काल नजदीकी थाना अथवा साइबर थाना में जमा करना चाहिए। पुलिस तकनीकी माध्यमों से मोबाइल की पहचान कर उसके वास्तविक स्वामी तक पहुंचा सकती है और अनधिकृत उपयोग करने वाले व्यक्ति के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई भी की जा सकती है।

एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह की नागरिकों से अपील

“जिले में साइबर अपराधों के विरुद्ध लगातार प्रभावी कार्रवाई जारी रहेगी। आम नागरिक अपने मोबाइल की सुरक्षा को लेकर सतर्क रहें। मोबाइल गुम या चोरी होने की स्थिति में तत्काल संबंधित थाने में शिकायत दर्ज कराएं और CEIR पोर्टल पर भी मोबाइल की जानकारी दर्ज करें। समय पर सूचना मिलने से पुलिस को मोबाइल को ट्रेस कर बरामद करने में काफी मदद मिलती है। किसी दूसरे व्यक्ति का मिला हुआ मोबाइल इस्तेमाल न करें, बल्कि उसे तत्काल पुलिस को सौंपें।”

साइबर टीम की लगातार मेहनत से मिली सफलता

इस पूरी कार्रवाई में साइबर थाना प्रभारी निरीक्षक विजय चेलक एवं उनकी टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। टीम ने शिकायतों की लगातार मॉनिटरिंग करते हुए CEIR पोर्टल से प्राप्त तकनीकी जानकारी का विश्लेषण किया और अलग-अलग स्थानों पर उपयोग किए जा रहे मोबाइलों को ट्रेस किया।

मोबाइल रिकवरी अभियान में उपनिरीक्षक संजय नाग, सहायक उपनिरीक्षक नंदकुमार सारथी, ज्योत्सना शर्मा, महिला प्रधान आरक्षक रेनू सिंह मांडवी, प्रधान आरक्षक दुर्गेश सिंह, रूपराम पटेल, करुणेश राय, बृजलाल गुर्जर, महिला आरक्षक मेनका चौहान, आरक्षक धनंजय कश्यप, महेश पंडा, प्रशांत पंडा, पुष्पेंद्र जाटवर, रविंद्र गुप्ता, मनोज पटनायक, नवीन शुक्ला, विकास प्रधान, रोशन एक्का, गोविंद पटेल एवं गजेंद्र प्रधान की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

रायगढ़ पुलिस की अपील—मोबाइल गुम होते ही करें ये जरूरी काम

रायगढ़ पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि मोबाइल गुम अथवा चोरी होने पर देरी न करें। तत्काल नजदीकी थाने में शिकायत दर्ज कराने के साथ CEIR पोर्टल पर मोबाइल का IMEI नंबर दर्ज कर उसे ब्लॉक/ट्रेसिंग के लिए रिपोर्ट करें। मोबाइल में बैंकिंग, UPI, ई-मेल अथवा सोशल मीडिया अकाउंट जुड़े होने पर संबंधित खातों की सुरक्षा के लिए पासवर्ड बदलने और आवश्यक सुरक्षा उपाय करने में भी लापरवाही न बरतें।

150 मोबाइल की रिकवरी केवल मोबाइल वापस मिलने की कार्रवाई नहीं, बल्कि नागरिकों के भरोसे को मजबूत करने वाली रायगढ़ पुलिस की तकनीक आधारित पुलिसिंग का उदाहरण है। पुलिस का प्रयास है कि गुम हुई संपत्ति को तकनीकी संसाधनों की मदद से जल्द से जल्द उसके वास्तविक मालिक तक वापस पहुंचाया जाए।

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