न्यूज डेस्क रायगढ़। निकाय चुनाव में मेयर का चुनाव प्रत्यक्ष प्रणाली से होने की सुगबुगाहट के साथ ही निगम में सियासी पारा गरमाने लगा है। टिकट की आस में भाजपा व कांग्रेस दोनों ही दलों के कद्दावर चेहरे सक्रिय हो गए हैं। चुनाव की तैयारियों के संबंध में अंधरुनी तौर पर संगठन की बैठकें भी शुरु हो गई हैं। इस चुनाव में जहां भाजपा के लिए मेयर की कुर्सी पर कब्जा जमाना शाख का सबब बना हुआ है तो वहीं कांग्रेस भी पिछले दो चुनावों से लगातार मिल रहे बहुमत के बाद जीत को लेकर बेहद उत्साहित नजर आ रही है। दरअसल रायगढ़ नगर निगम सीट अनूसूचित जाति वर्ग के लिए आरक्षित है। इस सीट पर वर्तमान में जहां कांग्रेसी मेयर जानकी काटजू काबिज हैं तो वहीं इसके पहले भी निर्दलीय मेयर मधु बाई की शहर सरकार में कांग्रेस बहुमत के साथ काबिज थी। ऐसे में पिछले दो चुनावो में लगातार मिल रहे बहुमत के बाद कांग्रेस तीसरी पारी के लिए जीत को लेकर काफी आश्वस्त है। मेयर की प्रत्यक्ष प्रणाली से चुनाव होने की संभावना मात्र के बाद से ही कांग्रेस में बड़े चेहरे टिकट की आस में सक्रिय हो गए हैं। इस सीट से जानकी काटजू जहां फिर से दूसरी पारी की तैयारी कर रही हैं तो वहीं पूर्व महापौर जेठूराम मनहर भी संभावनाएं तलाश रहे हैं। इसके अलावा मनोज सागर, लकेश्वर मिरी जैसे नाम भी दावेदारों की कतार में हैं। हालांकि दावेदार खुलकर कुछ भी कहने से कतरा रहे है लेकिन उनका कहना है कि संगठन जिसे भी मौका देगा वे उसके लिए मिलकर काम करेंगे। कांग्रेस संगठन भी तीसरी पारी में जीत को लेकर काफी आश्वस्त है। कांग्रेस में अंधरुनी तौर पर पार्षदों की दो बैठकें हो चुकी हैं। कांग्रेस संगठन भी इस बात को स्वीकार कर रहा है कि इस बार टिकट की आस में कई बड़े चेहरे कतार में हैं। हालांकि संगठन का कहना है कि योग्यता और पार्षदों की राय के आधार पर आने वाले समय में नामों का पैनल बनाया जाएगा। इधर भाजपा विधानसभा और लोकसभा चुनाव में मिली जीत के बाद निकाय चुनाव में भी जीत को लेकर आश्वस्त है। भाजपा से पूर्व महापौर महेन्द्र चौहथा, पूर्व एल्डरमैन नरेश गोरख, परदेशी मिरी, प्रदीप श्रृंगी जैसे चेहरे टिकट की कतार में हैं। हालांकि भाजपा संगठन का कहना है कि पार्टी में मेयर के लिए कद्दावर चेहरों की कमी नहीं है। भाजपा निकाय चुनाव पूरे दमखम से लड़ेगी और इस बार निगम पर भाजपा बहुमत से काबिज होगी।













