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जिले के 26 हजार राशनकार्डों का अब तक सत्यापन नहीं

फर्जी होने का अंदेशा जता रही भाजपा

भाजपा का आरोप- वोट बैंक साधने पूर्ववर्ती सरकार नेे बनाए फर्जी राशन कार्ड

न्यूज डेस्क रायगढ़। राज्य शासन ने सभी जिलों को राशन कार्डों का सत्यापन के निर्देश दिए है लेकिन रायगढ़ जिले में राशन कार्डों के सत्यापन की गति बेहद धीमी है। जानकर हैरत होगी कि चार बार तारीख बढाने के बावजूद भी जिले में 26 हजार राशन कार्डों का नवीनीकरण ही नहीं हो पाया है। हितग्राही इन कार्डों के नवीनीकरण के लिए पहुंच ही नहीं रहे हैं। ऐसे में भाजपा इन कार्डों के फर्जी होने का अंदेशा जता रही है।

भाजपा का कहना है कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार में फर्जी नामों से राशन कार्ड बनाए गए थे जिनसे खाद्यान्न की गडबड़ी भी हुई थी।  ऐसे में न सिर्फ इन राशन कार्डों की जांच की जानी चाहिए बल्कि इन राशन कार्डों को डिलीट भी किया जाना चाहिए। दरअसल रायगढ़ जिले में लगभग 3 लाख 32 हजार राशनकार्ड धारी हैं जिनके तकरीबन 11 लाख सदस्यों को हर महीने सरकारी राशन की पात्रता है। इसमें से 2 लाख 69 हजार  बीपीएल और 35 हजार 840 एपीएल कार्डधारियों ने तो राशन कार्डों का नवीनीकरण करा लिया है लेकिन जिले के 26 हजार राशन कार्डधारियों का अब तक कोई पता नहीं है। ये राशन कार्ड धारी दिए गए पते पर भी मौजूद नहीं हैं। ऐसे में इन राशन कार्डधारियों का वेरिफिकेशन ही नहीं हो पा रहा है। राज्य शासन ने हर हाल में 30 जून तक नवीनीकरण करने के निर्देश दिए हैं।

ऐसे में हितग्राहियों को ढूंढने में खाद्य विभाग के अधिकारियों के पसीने छूट रहे हैं। इधर आंकडे सामने आने के बाद बीजेबी इन राशन कार्डों को फर्जी बता रही है। भाजपा का कहना है कि पूर्ववर्ती सरकार में फर्जी राशन कार्ड बनाए गए थे। इनके जरिए खाद्यान्न की अफरा तफरी भी की गई थी। राशन दुकानों में सामने आया राशन घोटाला इसका प्रत्यक्ष उदाहरण है। अगर इस मामले की जांच की जाती है तो बड़ी गड़बड़ी उजागर होगी। भाजपा इन कार्डों को निरस्त करने की मांग कर रही है। इधऱ मामले में विभागीय अधिकारी सफाई दे रहे हैं।

सहाचक खाद्य अधिकारी चूड़ामणि सिदार का कहना है कि कई हितग्राही एकलकार्ड धारी थे जिनकी मृत्यु हो चुकी हैं। कुछ ने पलायन भी किया है। ऐसे में कार्डों के नवीनीकरण नहीं हो पाए हैं। योजना का प्रचार प्रसार कर कार्डों का शत प्रतिशत नवीनीकरण के प्रयास किए जा रहे हैं।

 

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