वित्त मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि गुरुदेव रवीन्द्रनाथ टैगोर भारतीय साहित्य, कला, संस्कृति और दर्शन के विश्वदूत थे। उन्होंने अपनी रचनाओं के माध्यम से भारतीय संस्कृति और मानवीय मूल्यों को वैश्विक स्तर पर प्रतिष्ठित किया। उनकी साहित्यिक कृतियों में राष्ट्रप्रेम, मानवता, प्रकृति और आध्यात्मिक चेतना का अद्भुत समन्वय दिखाई देता है। उन्होंने कहा कि गुरुदेव टैगोर की रचनाएं और विचार आज भी समाज को ज्ञान, संवेदना, स्वतंत्र चिंतन और मानवता के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं। साहित्य के क्षेत्र में नोबेल पुरस्कार प्राप्त कर उन्होंने विश्व पटल पर भारत का गौरव बढ़ाया।
श्री ओपी चौधरी ने कहा कि गुरुदेव रवीन्द्रनाथ टैगोर का जीवन और उनका साहित्य देश की आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव प्रेरणास्रोत बना रहेगा। उनकी पुण्यतिथि पर उन्हें शत-शत नमन।















