‘शिवशक्ति समर्पण’ में दिखा भगवान शिव के तांडव और माता पार्वती के लास्य का दिव्य संगम
रायगढ़, 18 सितम्बर 2026/ 41वें अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त चक्रधर समारोह की सांस्कृतिक संध्या में बिलासपुर की श्वेता नायक एंड ग्रुप ने कुचिपुड़ी नृत्य की शानदार प्रस्तुति देकर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। ‘शिवशक्ति समर्पण’ शीर्षक से प्रस्तुत इस नृत्य में भगवान शिव के तांडव और माता पार्वती के लास्य का मनोहारी संगम देखने को मिला। प्रस्तुति में भक्ति, शक्ति, सौंदर्य और लय का सुंदर समावेश रहा। कार्यक्रम का आरंभ ‘मीनाक्षी पंचरत्नम्’ से हुआ। रागमालिका और आदि ताल में प्रस्तुत इस रचना के माध्यम से देवी मीनाक्षी के दिव्य स्वरूप, सौंदर्य और महिमा को कुचिपुड़ी की भावपूर्ण अभिव्यक्ति में प्रस्तुत किया गया। इसके बाद ‘तरंगम’ की प्रस्तुति ने दर्शकों का विशेष आकर्षण खींचा। थाली पर संतुलित नृत्य, जटिल पदसंचालन, लय और भाव के अद्भुत समन्वय ने प्रस्तुति को प्रभावशाली बनाया।
‘शिवशक्ति समर्पण’ में भगवान शिव के गंगाधर, चंद्रचूड़ और आनंद नटराज स्वरूपों का भावपूर्ण निरूपण किया गया। गंगा के शिव की जटाओं में अवतरण और भगवान शिव द्वारा लोककल्याण के लिए गंगा को अपनी जटाओं में धारण करने के प्रसंग को नृत्य के माध्यम से जीवंत किया गया। गुरु श्वेता नायक के निर्देशन में डी. धारणी, श्री दिप्ता पॉल, चेतन्या साहू, मेघा सारथी, ऐश्वर्या, श्वेता सालिनी नायक, एन. स्तुति रेड्डी, एन. दिव्यांका, हर्षिता कैवर्त सहित कलाकारों ने प्रस्तुति दी।














