रायगढ़ जिले में लगातार प्रदूषित हो रही केलो नदी को बचाने के लिए स्थानीय लोगों ने शनिवार को केलो नदी के किनारे अनूठा प्रदर्शन किया। स्थानीय लोग केलो नदी को बचाने की अपील करते हुए तख्तियां लेकर केलो नदी के तट पर पहुंचे और नदी किनारे बैठ कर जल सत्याग्रह किया। इस दौरान लोगों ने खेली बचाव के नारे भी लगाए। स्थानीय लोगों का कहना था केलो नदी शहर की जीवन रेखा है और इस नदी से शहर की तीन लाख से अधिक की आबादी को पीने और निस्तारी के लिए पानी की सप्लाई होती है। लेकिन फिर भी नदी को प्रदूषण से बचाने के लिए जिला प्रशासन ध्यान नहीं दे रहा है। पिछले कुछ सालों से केलो नदी लगातार प्रदूषण का शिकार हो रही है। केलो नदी में न सिर्फ उद्योगों का डस्ट व काला पानी छोड़ा जा रहा है बल्कि गंदे नालों का पानी भी नदी में आ रहा है। ऐसे में नदी लगातार प्रदूषित हो रही है और लोग इसी नदी के गंदे पानी को उपयोग करने के लिए विवश है।

नदी का जल स्तर भी लगातार कम हो रहा है।लोगों का कहना था कि केलो नदी को संरक्षण करने के लिए आज तक कोई कार्य योजना नहीं बनाई जा सकी। बिलासपुर के अरपा विकास प्राधिकरण की तर्ज पर केलो नदी को बचाने के लिए केलो विकास प्राधिकरण की जरूरत है। लिहाजा शासन प्रशासन का ध्यान आकर्षण करने के लिए वे लोग जल सत्याग्रह कर रहे हैं। उनका कहना था कि शायद स्थानीय लोगों के इस प्रदर्शन के बाद शासन प्रशासन की नींद खुलेगी और नदी की संरक्षण की दिशा में ठोस प्रयास किया जा सकेंगे।













