रायगढ़, 22 सितम्बर 2026/ 41वें अंतरराष्ट्रीय चक्रधर महोत्सव के मंच पर ओडिसी एवं कथक नृत्य साधिका सुश्री आंचल पाण्डेय ने ‘मनौधारण’ प्रस्तुति के माध्यम से भक्त और भगवान के अटूट विश्वास को भावपूर्ण ढंग से प्रस्तुत किया। उन्होंने गज्ज उद्धार और द्रौपदी उद्धार के पौराणिक प्रसंगों को ओडिसी नृत्य की सुंदर भावाभिव्यक्ति से मंच पर साकार किया। प्रस्तुति में गज द्वारा संकट की घड़ी में भगवान को पुकारने और द्रौपदी द्वारा श्रीकृष्ण का स्मरण करने के प्रसंगों के माध्यम से यह भाव उभरा कि जब भक्त पूरी आस्था के साथ अपने आराध्य को पुकारता है, तो परमात्मा उसकी रक्षा के लिए आगे आते हैं। आंचल की भावाभिव्यक्ति, नृत्य मुद्राओं और लयबद्धता ने पौराणिक प्रसंगों को जीवंत कर दिया और दर्शक भाव-विभोर हो उठे।
आंचल पाण्डेय ने कथक की शिक्षा गुरु वसंती वैष्णव, पद्मश्री पंडित रामलाल बरेठ एवं पंडित भूपेंद्र बरेठ से तथा ओडिसी नृत्य की साधना गुरु डॉ. गजेन्द्र पण्डा के मार्गदर्शन में की है। उन्होंने देश के विभिन्न प्रतिष्ठित मंचों के साथ जापान, मलेशिया, सिंगापुर, बहरीन, दक्षिण कोरिया, दुबई और उत्तर अफ्रीका सहित कई देशों में भारतीय शास्त्रीय नृत्य की प्रस्तुतियां दी हैं। उनकी कला-साधना के लिए उन्हें छत्तीसगढ़ रत्न अवॉर्ड, कला विद्या सम्मान और नृत्यश्री राष्ट्रीय अवॉर्ड सहित अनेक सम्मानों से सम्मानित किया जा चुका है।















