रायपुर, 14 अगस्त 2026



इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (ICAI) की सेंट्रल इंडिया रीजनल काउंसिल (CIRC) की रायगढ़ शाखा में नवनिर्मित रीडिंग रूम का शुभारंभ वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने किया। इस अवसर पर उन्होंने सीए बनने की तैयारी कर रहे युवाओं और नवोदित प्रतिभाओं को बेहतर अध्ययन वातावरण उपलब्ध कराने के लिए रायगढ़ शाखा के इस पहल की सराहना की।
वित्त मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि किसी भी क्षेत्र में युवा प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए बेहतर इकोसिस्टम का निर्माण सबसे महत्वपूर्ण होता है। रीडिंग रूम जैसी सुविधाओं से विद्यार्थियों और युवाओं को गुणवत्तापूर्ण अध्ययन के साथ-साथ वरिष्ठ एवं अनुभवी लोगों के अनुभवों से सीखने का अवसर मिलता है। उन्होंने कहा कि रायगढ़ सीए एसोसिएशन ने युवा सीए और तैयारी कर रहे विद्यार्थियों के लिए एक अच्छा और गुणवत्तापूर्ण अध्ययन वातावरण तैयार करने की दिशा में सराहनीय पहल की है।
मंत्री श्री चौधरी ने अपने विद्यार्थी जीवन का अनुभव साझा करते हुए कहा कि जब वे 12वीं के बाद आईएएस की तैयारी के लिए भिलाई गए थे, तब आईआईटी और मेडिकल जैसी परीक्षाओं की किताबें आसानी से उपलब्ध थीं, लेकिन सिविल सेवा की तैयारी के लिए आवश्यक अध्ययन सामग्री और मार्गदर्शन का अभाव था। उन्होंने कहा कि बड़े शहरों में विद्यार्थियों को वरिष्ठों के अनुभव और मार्गदर्शन का लाभ मिलता है, जबकि छोटे शहरों में ऐसी व्यवस्था सीमित थी। इसी अनुभव से उन्हें यह समझ आया कि युवाओं के लिए ऐसा इकोसिस्टम होना चाहिए, जहां वरिष्ठ, कनिष्ठ और अनुभवी विद्यार्थी एक साथ अध्ययन कर सकें और एक-दूसरे से सीख सकें।
मंत्री श्री चौधरी ने बताया कि रायपुर कलेक्टर रहते हुए इसी सोच के साथ एनआईटी रायपुर के समीप लगभग 19 करोड़ रुपये की लागत से नालंदा परिसर का निर्माण कराया गया था। उन्होंने कहा कि यह 24 घंटे, 365 दिन संचालित होने वाला अध्ययन परिसर है। नालंदा परिसर की सफलता का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि वहां लगभग 3500 सदस्य हैं और करीब 3000 लोग सदस्यता के लिए प्रतीक्षा सूची में हैं। इसके बाद तक्षशिला परिसर सहित अन्य अध्ययन परिसरों का भी निर्माण किया गया।
श्री चौधरी ने कहा कि वित्त मंत्री के रूप में अपने पहले बजट में राज्य के विभिन्न हिस्सों में 22 नए नालंदा परिसर शुरू करने की घोषणा की थी और अब प्रदेश में लगभग 40 नालंदा परिसरों के निर्माण का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि इन परिसरों का उद्देश्य युवाओं को बेहतर अध्ययन सुविधाओं के साथ ऐसा वातावरण उपलब्ध कराना है, जहां वे अनुभवी लोगों से सीख सकें और अपनी तैयारी को नई दिशा दे सकें।
सीए के लिए भी बनेगा बेहतर अध्ययन इकोसिस्टम
वित्त मंत्री ने कहा कि रायगढ़ में सीए के विद्यार्थियों और युवा चार्टर्ड अकाउंटेंट्स के लिए भी इसी तरह का मजबूत इकोसिस्टम विकसित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आवश्यकता के अनुसार नालंदा परिसर में सीए विद्यार्थियों के लिए डेडिकेटेड कॉर्नर अथवा अन्य उपयुक्त व्यवस्था विकसित करने का प्रयास किया जाएगा, ताकि वे भी आधुनिक अध्ययन संसाधनों और मार्गदर्शन का लाभ उठा सकें।
उन्होंने कहा कि आज की बदलती दुनिया में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और नई तकनीकों से नई चुनौतियां सामने आ रही हैं। ऐसे में तकनीक से दूर भागना समाधान नहीं है। युवाओं को नई तकनीकों को अपनाकर अपनी दक्षता और कार्यक्षमता बढ़ानी चाहिए। उन्होंने सीए के युवा साथियों से बदलती तकनीकी दुनिया के अनुरूप स्वयं को लगातार अपडेट करते रहने का आह्वान किया।
तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था में सीए के लिए बड़े अवसर
श्री चौधरी ने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था तेजी से आगे बढ़ रही है और आने वाले दशकों में देश की अर्थव्यवस्था का आकार कई गुना बढ़ने की संभावना है। इस आर्थिक विस्तार के साथ वित्त, लेखांकन, कराधान और वित्तीय प्रबंधन के क्षेत्र में चार्टर्ड अकाउंटेंट्स के लिए बड़े अवसर पैदा होंगे। उन्होंने कहा कि देश की आर्थिक विकास यात्रा में सीए जैसे वित्तीय विशेषज्ञों की महत्वपूर्ण भूमिका होगी और युवा इस अवसर का लाभ उठाने के लिए अभी से स्वयं को तैयार करें।
इस अवसर पर रायगढ़ नगर निगम के महापौर श्री जीवर्धन चौहान, रीजनल काउंसिल मेंबर सीए दिनेश कुमार अग्रवाल सहित अन्य पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे। इनकम टैक्स प्रैक्टिशनर्स एसोसिएशन रायगढ़ के अध्यक्ष बाबूलाल अग्रवाल, इनकम टैक्स अधिकारी सुजीत विश्वास तथा बड़ी संख्या में सीए विद्यार्थी, युवा एवं गणमान्य नागरिक भी कार्यक्रम में शामिल हुए।















