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रायगढ़ आसपास

करोडों का चावल दबाकर बैठे हैं मिलर्स

कस्टम मिलिंग का चावल अब तक नहीं किया जमा। 2 लाख 80 हजार मेट्रिक टन चावल मिलरों के पास जाम

खाद्य विपणन विभाग के अधिकारी मौन

न्यूज डेस्क, रायगढ़।  जिले में कस्टम मिलिंग के तहत राइस मिलरों ने धान खरीदी केंद्रों से धान का उठाव तो किया है लेकिन उसके बदले में अब तक पूरा चावल जमा ही नहीं किया है। जानकर हैरत होगी कि मिलरों के पास अभी भी तकरीबन 2 लाख 80 हजार मेट्रिक टन चावल जाम है। इधर समितियों से सारे धान का उठाव हो चुका है और धान का एक दाना तक नहीं है। ऐसे में मिलर्स सरकारी चावल दबाकर बैठे हुए हैं और मार्कफेड के अधिकारी कार्रवाई की बजाए चुप्पी साधे बैठे हैं।
दरअसल शासन से अनुबंध के तहत जिले के 131 मिलरों ने धान खरीदी के लिए जिला प्रशासन से एग्रीमेंट किया था। दिसंबर महीने से कस्टम मिलिंग में तेजी आ गई थी। मिलरों को धान का उठाव के बदले 4 लाख 40 हजार मेट्रिक टन चावल जमा करना था। मिलर्स ने धान का उठाव तो कर लिया लेकिन बदले में पूरा चावल अब तक जमा नहीं किया है। एफसीआई और नान को राइस मिलरों राइस मिलरों से 2 लाख 80 हजार मेट्रिक टन धान अभी भी लेना शेष है। न तो राइस मिलर्स चावल जमा करने में तेजी दिखा रहे हैं न ही विभागीय अधिकारी इस ओर गंभीर हैं ऐसे में कस्टम मिलिंग सुस्त रवैये को लेकर सवाल उठ रहे हैं। जानकारों का कहना है कि मिलर्स जानबूझकर चावल जमा करने में देरी कर रहे हैं ताकि नया सीजन शुरु होते ही पुराने चावल को नया बताकर हेराफेरी कर सकें। अगर इस मामले की जांच की जाती है तो बडी गडबडी उजागर होगी। इधर मामले में अधिकारी भी चावल जमा नहीं होने की बात स्वीकार कर रहे हैं। डीएमओ लोकेश देवांगन का कहना है कि रैक नहीं मिलने की वजह से चावल जमा करने में देरी हुई है। राइस मिलरों को जल्द मिलिंग के निर्देश दिए गए हैं। अगर राइस मिलर्स देरी करते हैं तो उनकी बैंक गारंटी जब्त की जाएगी।

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