न्यूज डेस्क, रायगढ़। जिले में भले ही तेजी से नए उद्योगों की स्थापना हो रही हो लेकिन उस अनुपात में स्थानीय युवाओं को उद्योगों में रोजगार नहीं मिल पा रहा है। जानकर हैरत होगी कि जिले में पिछले दो सालों में 13 उद्योगों ने नई इकाइयों की स्थापना और एक्सपांशन के लिए राज्य सरकार से एमओयू किया है। लगभग 7300 रिक्त पदों पर भर्ती के लिए अनुबंध भी किया है, लेकिन अब तक नियुक्तियां नहीं हो पाई है। ऐसे में प्रशासनिक उदासीनता पर सवाल उठ रहे हैं।
दरअसल पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार में कई बड़ी कंपनियों ने नए उद्योगों की स्थापना के लिए राज्य सरकार से एमओयू किया था। इसमें कुछ स्थानीय उद्योग थे तो कुछ नई कंपनियों ने नए प्लांट लगाने के लिए शासन से एग्रीमेंट किया था। इस दौरान उद्योगों से प्रस्तावित पदों में रिक्तियां मांगी गई थी। उद्योगों से जो सूची मिली है उसके मुताबिक तकरीबन 7300 हजार पदों में भर्तियां की जानी है। इसमें प्रबंधकीय कर्मचारी के 1213 पद, कुशल कर्मचारी के 2568 पद और अकुशल कर्मचारियों के 3539 इस तरह कुल 7320 पदों पर नियुक्तियां की जानी है। खास बात यह है 2 सालों में कई उद्योगों के एक्सपांशन की प्रक्रिया भी हो गई तो वहीं कुछ उद्योग अंडर कंस्ट्रक्शन हैं लेकिन अब तक एक भी पदों पर भर्ती नहीं हो पाई है। ऐसे में स्थानीय युवाओं में निराशा है तो वहीं लेट लतीफी को लेकर कांग्रेस सवाल उठा रही है। यूथ कांग्रेस का कहना है कि सरकार का उद्योगों पर लगाम नहीं है जिसकी वजह से स्थानीय बेरोजगार युवा छले जा रहे हैं। उद्योगों में नियुक्तियों को लेकर यूथ कांग्रेस जल्द ही बड़ा आंदोलन करेगा। बाइट 1 राकेश पांडेय प्रदेश सचिव यूथ कांग्रेस इधर मामले में अधिकारियों की अपनी ही दलील है। जिला रोजगार अधिकारी जे आर राम का कहना है कि उद्योगों से सतत रिक्तियों की जानकारी मांगी जा रही है। ऑनलाइन पोर्टल में उनका रजिस्ट्रेशन भी किया जा रहा है। युवाओं को भी उद्योगों के जरूरत के मुताबिक स्किल्ड करने की योजना है। प्लेसमेंट कैंप और रोजगार मेले के माध्यम से जल्द ही नए उद्योगों में युवाओं की भर्ती की जाएगी।















