केवड़ाबाड़ी बस स्टैंड को रामपुर में शिफ्ट करने की थी योजना, पांच सालों से अधर में लटकी
बदहाल ट्रैफिक से लोग परेशान
रायगढ़ शहर में बस टर्मिनल बनाने की योजना अधर में लटकी हुई है। नगर निगम ने इसके लिए 15 करोड़ रुपए का प्रस्ताव बनाया था। योजना के तहत बस स्टैंड को रामपुर इलाके में शिफ्ट किया जाना था और इसके लिए दस एकड़ जमीन का चयन भी किया गया था। लेकिन जिस जमीन को निगम ने चयन किया है उसमें निजी भूमि आड़े आ रही है। ऐसे में बस स्टैंड निर्माण की योजना फिर से अधर में लटक गई है।
दरअसल रायगढ़ शहर का जिस तेजी से विस्तार हो रहा है उतनी ही तेजी से शहर में ट्रैफिक का लोड भी बढ रहा है। शहर से ओडीसा झारखंड, मध्यप्रदेश और बिहार जैसे राज्यों के लिए हर दिन औसतन 150 बसें चलती हैं। शहर के बीच शहर में बस स्टैंड होने की वजह से न सिर्फ शहर में यातायात का दबाव बढ रहा है बल्कि हर दिन जाम की स्थिति भी निर्मित हो रही है। ऐसे में नगर निगम ने केवड़ाबाड़ी बस स्टैंड को रामपुर में शिफ्ट करने की योजना बनाई। इसके लिए जमीन का चयन कर राज्य शासन को प्रस्ताव भी भेजा गया। लेकिन बस स्टैंड के लिए जिस जगह का चयन किया गया है उसके कुछ हिस्से में निजी जमीन आ रही है। ऐसे में बस स्टैंड निर्माण में फिर से अड़चन आ गई है और मामला ठंडे बस्ते में चला गया है। इधर स्थानीय लोग लेटलतीफी के लिए निगम को कोस रहे हैं। लोगों का कहना है कि बस स्टैंड की शहर से बाहर शिफ्टिंग बेहद जरुरी है। जिस तेजी से गाडियों की संख्या बढ रही है उसे देखते हुए बस टर्मिनल की नितांत आवश्यकता है। राज्य शासन को इस ओर ध्यान देना चाहिए। धऱ मामले में नगर निगम की अपनी ही दलील है। निगम के जनप्रतिनिधियों का कहना है कि निजी जमीन का ज्यादा हिस्सा नहीं है लिहाजा उस जमीन का अधिग्रहण किया जा सकता है। चूंकि प्रदेश में सरकार बदल गई है लिहाजा योजना अटकी हुई है। राज्य शासन को फिर से इस संबंध में प्रस्ताव बनाकर भेजा गया है। शासन से राशि मिलते ही योजना पर काम शुरु किया जाएगा।















