रायपुर, 16 जुलाई 2026. दूरस्थ एवं आदिवासी बहुल जिला नारायणपुर में बच्चों को जन्मजात हृदय रोग से समय पर उपचार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 23 फरवरी 2026 को प्रोजेक्ट धड़कन की शुरुआत की गई। ताकि गंभीर हृदय रोग की समय रहते पहचान कर उनका निःशुल्क उपचार कराया जा सके। योजना के अंतर्गत आरबीएसके (राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम) टीम द्वारा जिले के विभिन्न आंगनबाड़ी केंद्रों एवं विद्यालयों में व्यापक स्वास्थ्य जांच अभियान चलाया गया। अब तक कुल 6,224 बच्चों की स्वास्थ्य जांच की जा चुकी है।
जांच के दौरान हृदय संबंधी गंभीर समस्या से ग्रसित 03 बच्चों की पहचान की गई। इनमें पारुल दुग्गा (1.5 वर्ष), नायशा (3 वर्ष) एवं अनुष्का मंडावी (5 वर्ष) शामिल हैं। आरबीएसके टीम द्वारा आवश्यक जांच एवं परामर्श के बाद इन बच्चों को सत्य साईं हॉस्पिटल, रायपुर रेफर किया गया, जहां विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा तीनों बच्चों का सफल एवं निःशुल्क हृदय ऑपरेशन किया गया। ऑपरेशन के बाद तीनों बच्चों के स्वास्थ्य में उल्लेखनीय सुधार है और वे स्वस्थ जीवन की ओर अग्रसर हैं। यह उपलब्धि प्रोजेक्ट धड़कन एवं आरबीएसके टीम की सक्रिय कार्यप्रणाली, समय पर स्क्रीनिंग तथा त्वरित रेफरल व्यवस्था का उत्कृष्ट उदाहरण है।
जिला स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि प्रोजेक्ट धड़कन के अंतर्गत बच्चों की नियमित स्वास्थ्य जांच निरंतर जारी है। योजना का उद्देश्य जन्मजात हृदय रोग से पीडित बच्चों की समय पर पहचान कर उन्हें निःशुल्क एवं गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराना है, ताकि वे स्वस्थ एवं सुरक्षित जीवन जी सकें। जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग ने अभिभावकों से अपील की है कि वे अपने बच्चों की नियमित स्वास्थ्य जांच अवश्य कराएं। यदि बच्चे में सांस फूलना, जल्दी थक जाना, वजन कम बढ़ना अथवा बार-बार बीमार पड़ने जैसे लक्षण दिखाई दें, तो निकटतम स्वास्थ्य केंद्र में जांच अवश्य कराएं।















