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दिल्ली में बाढ़ के खतरे के बीच दो अस्पतालों को कराया गया खाली, मरीजों को किया गया दूसरी जगह शिफ्ट

दिल्ली में लगातार बढ़ रहे यमुना के जलस्तर के बाद शहर के कई इलाके जलमग्न हैं और वहां चारों तरफ पानी ही पानी दिखाई दे रहा है। इसी बीच निचले स्थानों पर बाढ़ के खतरे को देखते हुए गुरुवार को यमुना बाजार स्थित संत परमानंद अस्पताल को खाली करा दिया गया। इसके अलावा सिविल लाइंस स्थित सुश्रुत ट्रॉमा सेंटर से पांच मरीजों को लोकनायक अस्पताल में भेज दिया गया। इन दोनों अस्पतालों के मरीजों को एहतियात के तौर पर दूसरे अस्पतालों में भेजा गया है।

दरअसल, यमुना में जल स्तर बढ़ने के साथ ही आसपास के इलाकों में पानी भरने लगा है। इसकी वजह से एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं। इससे पहले यमुना में आई बाढ़ के दौरान संत परमानंद अस्पताल में बाढ़ का पानी पहुंच गया था। तब अस्पताल को खाली कराया गया था। अस्पताल के एक अधिकारी ने बताया कि इस बार एहतियात के तौर पर पहले ही अस्पताल को खाली करा लिया गया है। भर्ती मरीजों को सुरक्षित अन्य अस्पताल में भेज दिया गया है। अस्पताल पूरी तरह से खाली है, ऐसे में गुरुवार को यहां ओपीडी भी संचालित नहीं हुई।

उधर एक अन्य अस्पताल सुश्रुत ट्रामा सेंटर से भी पांच मरीज को शिफ्ट किया गया है। इनमें से एक मरीज इलाज के लिए आईसीयू में भर्ती थे। इन सभी मरीजों को लोकनायक अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हालांकि ट्रॉमा सेंटर में भी अब तक यमुना का पानी नहीं पहुंचा है, लेकिन एहतियात के तौर पर यह सारे कदम उठाए गए हैं।

यमुना नदी में लगातार बढ़ रहे जलस्तर के बाद उफनती नदी के पानी ने कई इलाकों में घरों को जलमग्न कर दिया है और दुकानों का सामान खराब कर दिया है साथ ही यातायात को भी बुरी तरह बाधित किया है। जिससे राष्ट्रीय राजधानी में हजारों लोगों का जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। एक दिन पहले बुधवार को नदी का जलस्तर 1963 के बाद से पांचवीं बार 207 मीटर के निशान को पार कर गया। हालांकि गुरुवार शाम तक एक राहत भरी खबर आई कि राष्ट्रीय राजधानी में यमुना का जलस्तर घटना शुरू हो गया है, हालांकि यह अब भी खतरे के निशान से दो मीटर से ज्यादा ऊपर बना हुआ है।

केंद्रीय जल बोर्ड के अनुसार, दिल्ली के पुराने रेलवे पुल पर आज सुबह छह बजे यमुना में पानी 207.48 मीटर तक पहुंच गया था जो इस साल इसका उच्चतम स्तर है। हालांकि उसके बाद जलस्तर में धीरे-धीरे कमी आनी शुरू हो गई और रात आठ बजे तक यह 207.42 मीटर पर आ गया था। यहां खतरे का निशान 205.33 मीटर पर है। वहीं यमुना में अब तक सबसे से अधिक जलस्तर 13 जुलाई 2023 को 208.66 मीटर दर्ज किया गया था। उसी साल दिल्ली को सबसे भीषण बाढ़ जैसी स्थिति का सामना करना पड़ा था, जब भारी बारिश के बाद कई इलाके जलमग्न हो गए थे और 25,000 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना पड़ा था।

यमुना में एक सितंबर की रात जलस्तर खतरे के निशान को पार कर गया था। फिलहाल नदी किनारे कुछ निचले इलाकों में पानी भरा हुआ है जिसके कारण कई लोगों को अपना घर छोड़कर दूसरी जगहों पर जाना पड़ा है। कुछ लोगों ने राहत शिविरों में भी शरण ली है। वहीं दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का कहना है कि संबंधित विभाग स्थिति पर लगातार नजर रख रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस बार 2023 जैसी स्थिति नहीं होगी क्योंकि यमुना से गाद को पहले ही निकाल लिया गया था और पानी जिस रफ्तार से आ रहा है उसी रफ्तार से निकल भी रहा है।

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