नेपाल में बीते दो दिनों से जारी भीषण हिंसा के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने युवाओं की मौत पर शोक जताया है। इस दौरान पीएम मोदी ने कहा है कि नेपाल में शांति भारत के लिए बेहद जरूरी है। उन्होंने नेपाल के लोगों से शांति की अपील भी की है। इससे पहले सोमवार को विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई में कम से कम 19 लोगों की मौत हो गई थी, जिनमें अधिकतर युवा थे।
मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में पीएम मोदी ने लिखा, “हिमाचल प्रदेश और पंजाब से लौटने पर आज सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति की बैठक में नेपाल के हालातों पर चर्चा हुई। नेपाल में हिंसा हृदयविदारक है। मुझे इस बात का दुःख है कि कई युवाओं ने अपनी जान गंवाई है।” पीएम मोदी ने आगे लिखा, “नेपाल की स्थिरता, शांति और समृद्धि हमारे लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। मैं नेपाल के सभी भाइयों और बहनों से विनम्रतापूर्वक शांति का समर्थन करने की अपील करता हूं।”
सेना ने संभाली कमान
वहीं नेपाल में हालात बिगड़ने के बाद अब देश में सेना ने कमान संभाल ली है। नेपाल की सेना ने मंगलवार रात को कहा है कि वह रात 10 बजे से सुरक्षा की कमान संभाल लेगी। सेना ने कहा है कि कुछ समूह कठिन परिस्थितियों का फायदा उठा रहे हैं और आम नागरिकों और सार्वजनिक संपत्ति को भारी नुकसान पहुंचा रहे हैं। सेना ने चेतावनी दी है कि अगर ऐसी गतिविधियां जारी रहीं तो नेपाल की सेना सहित सभी सुरक्षा तंत्र हिंसा को रोकने के लिए जुट जाएंगे। नेपाली सेना ने जनता से सहयोग की अपील भी की है और नागरिकों से ऐसी गतिविधियों में शामिल ना होने या उनका समर्थन न करने का आग्रह किया है।
के पी शर्मा ओली ने दिया इस्तीफा
इससे पहले काठमांडू और देश के अन्य हिस्सों में 27 घंटे तक चले हिंसक विरोध प्रदर्शनों के बाद प्रधानमंत्री के पी शर्मा ओली ने इस्तीफा दे दिया है। हालांकि प्रधानमंत्री ओली के इस्तीफे का प्रदर्शनकारियों पर कोई खास असर नहीं पड़ा और इस्तीफे के बाद भी मंगलवार को नेपाल के कई हिस्सों में हिंसा जारी रही। प्रदर्शनकारियों ने संसद, राष्ट्रपति कार्यालय, प्रधानमंत्री आवास, सर्वोच्च न्यायालय, राजनीतिक दलों के कार्यालयों और वरिष्ठ नेताओं के घरों को आग ने हवाले कर दिया।














