Shopping cart

Magazines cover a wide array subjects, including but not limited to fashion, lifestyle, health, politics, business, Entertainment, sports, science,

TnewsTnews
  • Home
  • छत्तीसगढ़
  • नवजीवन की ओर बढ़ते कदम: पुनर्वास नीति से बदली तकदीर, बदली तस्वीर
छत्तीसगढ़

नवजीवन की ओर बढ़ते कदम: पुनर्वास नीति से बदली तकदीर, बदली तस्वीर

कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक ने पुनर्वास केंद्र में वितरित किए 5जी स्मार्टफोन एवं मेसन किट
70 आत्मसमर्पित युवाओं को स्मार्टफोन, 31 को रोजगारोन्मुख मेसन किट प्रदान

रायपुर, 25 फरवरी 2026. छत्तीसगढ़ शासन की मानवीय, संवेदनशील एवं दूरदर्शी पुनर्वास नीति नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सकारात्मक परिवर्तन की नई इबारत लिख रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के मंशा अनुरूप जिला प्रशासन सुकमा द्वारा आत्मसमर्पित माओवादियों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने तथा उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सतत पहल की जा रही है।

जिला मुख्यालय सुकमा स्थित नक्सल पुनर्वास केंद्र में आयोजित कार्यक्रम में 70 आत्मसमर्पित युवाओं को अत्याधुनिक 5जी स्मार्टफोन तथा 31 युवाओं को रोजगारोन्मुख मेसन (राजमिस्त्री) किट वितरित की गई। कार्यक्रम कलेक्टर श्री अमित कुमार, पुलिस अधीक्षक श्री किरण चव्हाण एवं जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री मुकुंद ठाकुर के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। इस अवसर पर अधिकारियों ने पुनर्वासित युवाओं से आत्मीय संवाद स्थापित कर उनका उत्साहवर्धन किया।
जिला प्रशासन का कहना है कि पुनर्वास केवल आत्मसमर्पण तक सीमित नहीं है, बल्कि आत्मनिर्भरता, सम्मानजनक जीवन और स्थायी आजीविका से जुड़ा समग्र प्रयास है। इसी सोच के अनुरूप 70 युवाओं को सैमसंग गैलेक्सी 5जी स्मार्टफोन प्रदान किए गए। 50 मेगापिक्सल डुअल कैमरा एवं 5000 मेगाहर्ज फास्ट चार्जिंग बैटरी जैसी आधुनिक सुविधाओं से युक्त ये स्मार्टफोन युवाओं को डिजिटल शिक्षा, ऑनलाइन प्रशिक्षण, कौशल विकास कार्यक्रमों एवं शासकीय योजनाओं की जानकारी से सीधे जोड़ने में सहायक होंगे। साथ ही 31 युवाओं को मेसन किट उपलब्ध कराकर उन्हें निर्माण कार्यों में रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसरों से जोड़ने का मार्ग प्रशस्त किया गया है, जिससे वे आत्मनिर्भर बन सकें।

कलेक्टर ने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य केवल आत्मसमर्पण सुनिश्चित करना नहीं, बल्कि इन युवाओं को सम्मानजनक एवं सुरक्षित जीवन उपलब्ध कराना है। पुनर्वास केंद्र के माध्यम से उन्हें कौशल प्रशिक्षण, शिक्षा एवं रोजगार के अवसरों से जोड़ा जा रहा है, ताकि वे समाज की मुख्यधारा में सशक्त रूप से आगे बढ़ सकें।

प्रतापगिरी, तोंगपाल निवासी श्री भीमा ने बताया कि लगभग 15 वर्षों तक नक्सल संगठन से जुड़े रहने के बाद पुनर्वास का निर्णय उनके जीवन का सबसे महत्वपूर्ण निर्णय सिद्ध हुआ है। पुनर्वास केंद्र में उन्हें आवास, भोजन एवं प्रशिक्षण की समुचित सुविधा मिल रही है तथा वे राजमिस्त्री का प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके हैं। स्मार्टफोन मिलने से वे डिजिटल माध्यम से नई जानकारियां प्राप्त कर सकेंगे।

सिंघनपारा, बड़े सेटी निवासी श्री बुधरा ने भी पुनर्वास केंद्र की व्यवस्थाओं पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि यहां का जीवन सुरक्षित एवं सम्मानजनक है। प्रशासन द्वारा उन्हें मोबाइल, मेसन किट के साथ-साथ आधार कार्ड, आयुष्मान कार्ड, राशन कार्ड एवं जॉब कार्ड भी प्रदान किया गया है। किसी भी तरह कि समस्या आने पर जिला प्रशासन द्वारा त्वरित समाधान किया जाता है। छत्तीसगढ़ शासन की पुनर्वास नीति केवल एक प्रशासनिक पहल नहीं, बल्कि विश्वास, विकास एवं सामाजिक समरसता की सशक्त मिसाल बनी है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Posts