
न्यूज डेस्क। बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना पर मानवता के विरुद्ध अपराध के आरोप तय किए गए हैं। उन पर पिछले साल जुलाई-अगस्त में छात्रों के नेतृत्व वाले विरोध प्रदर्शनों को दबाने के लिए मानवता के विरुद्ध अपराध का मुकदमा चलाया जा रहा है। आरोप है कि हसीना ने व्यक्तिगत रूप से सुरक्षा बलों और राजनीतिक सहयोगियों को प्रदर्शनकारियों के खिलाफ बल प्रयोग करने का आदेश दिया था।
*आरोपों के विवरण*
– *मानवता के विरुद्ध अपराध*: शेख हसीना पर आरोप है कि उन्होंने अपने सुरक्षा बलों को प्रदर्शनकारियों के खिलाफ ‘घातक हथियारों का इस्तेमाल’ करने का आदेश दिया था।
– *नरसंहार, हत्या और यातना* उन पर विद्रोह को दबाने के लिए नरसंहार, हत्या और यातना देने का भी आरोप लगाया गया है।
– *अदालत की कार्यवाही* मुकदमे की शुरुआत की तारीख 3 अगस्त तय की गई है, और शेख हसीना की अनुपस्थिति में मुकदमा चलेगा।
*अन्य जानकारी*
– शेख हसीना के साथ-साथ पूर्व गृह मंत्री असदुज्जमां खान और पूर्व पुलिस महानिरीक्षक चौधरी अब्दुल्ला अल-मामून पर भी आरोप तय किए गए हैं।
– अब्दुल्ला अल-मामून ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया है और मामले में सरकारी गवाह बनने के लिए याचिका दायर की है।
– शेख हसीना को अगर आरोपों में दोषी पाया जाता है, तो उन्हें मौत की सजा तक हो सकती है।













