साइबर क्राइम में मिली पुलिस को सफलता, एक आरोपी गिरफ्तार। सिम से करोड़ों के फ्रॉड की आशंका
रायगढ़ पुलिस ने साइबर ठगी मामले में बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने एक पीओएस एजेंट को गिरफ्तार किया है जो ग्राहकों के आधार नंबर और आईडी कार्ड के जरिए फर्जी तरीके से सिम अलर्ट करता था और उन्हें फ्रॉड करने वाले गिरोह को बेचता था। खास बात यह की पुलिस ने आरोपी के पास से जो सिम कार्ड बरामद किया है उसे कंबोडिया के गिरोह के द्वारा फ्रॉड में इस्तेमाल किया गया है। पुलिस मामले में आरोपी से पूछताछ कर रही है। दरअसल जिला पुलिस को पुलिस मुख्यालय से साइबर फ्रॉड पर सतत कार्रवाई के निर्देश मिले हैं। ऐसे में पीओएस एजेंटों पर भी पुलिस कड़ी निगाह रख रही है। जांच के दौरान पुलिस को एक फर्जी सिम धारक के बारे में पता चला। पुलिस ने जब उस नंबर को ट्रेस किया तो उसका लिंक कंबोडिया में मिला। यह भी जानकारी मिली कि सिम को कंबोडिया में ट्रेडिंग फ्रॉड में इस्तेमाल किया गया है। पुलिस ने इस मामले में जांच शुरू की तो पता चला कि मोबाइल नंबर ग्राम मुनुन्द, थाना छाल के मुगली राठिया के नाम पर पंजीकृत है। पूछताछ में मुगली राठिया ने स्पष्ट किया कि इस सिम का उपयोग उसके द्वारा नहीं किया जा रहा है। पुलिस ने जब जांच की तो पता चला कि वहीं के पीओएस एजेंट भूपेंद्र महंत ने फर्जी तरीके से आईडी का इस्तेमाल कर उसके नाम से सिम जारी कराया था और उन्हें अवैध रूप से साइबर ठगों को बेच दिया था। पुलिस ने मामले में भूपेंद्र महंत को गिरफ्तार किया है उससे पूछताछ की जा रही है।














