मुंबई. शिवसेना यूबीटी के विधायक दल में एक बार फिर बड़ी टूट के आसार हैं। केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले का दावा है कि कई विधायक पार्टी का साथ छोड़ सकते हैं। हालांकि, इस दौरान उन्होंने नेताओं के नाम या तारीख स्पष्ट नहीं की है। अगर ऐसा होता है, तो हाल के समय में पार्टी में तीसरी टूट होगी। इससे पहले सांसद, महाराष्ट्र विधान परिषद नेता दल छोड़ चुके हैं।
टीवी9 मराठी की रिपोर्ट के मुताबिक, ठाकरे गुट के 14 से 15 विधायक टूट सकते हैं। एक अन्य रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने कहा, ‘फिलहाल, उद्ध ठाकरे के साथ मौजूद 20 विधायकों में से संभावनाएं हैं कि 14 से 15 और टूट सकते हैं। अर वह महायुति में शामिल होने का फैसला करते हैं, तो उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से पूछकर स्वागत किया जाएगा।’
उद्धव ठाकरे ने पार्षद बचाने बनाई रणनीति
वार्ता के मुताबिक, ठाकरे ने बड़े दलबदल की सुगबुगाहट के बीच तैयारी कर ली है। उन्होंने नासिक नगर निगम के करीब 12 पार्षदों के शिवसेना (शिंदे) के संपर्क में होने की रिपोर्टों के बाद अपने संकटमोचक रवींद्र मिर्लेकर को तुरंत नासिक भेजा। मिर्लेकर ने शनिवार को वहां के सभी पार्षदों और संगठन के पदाधिकारियों की एक आपातकालीन समीक्षा बैठक बुलाई है, ताकि पार्टी में किसी भी संभावित टूट को समय रहते रोका जा सके।
पाला बदलने तैयार हैं विधायक?
एजेंसी के अनुसार, सूत्रों का कहना है कि डिप्टी सीएम शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना पहले से ही उद्धव ठाकरे गुट के करीब 10 विधायकों के संपर्क में है, जिन्हें पाला बदलने और शिंदे गुट में शामिल होने के लिए राजी किया गया है। सूत्रों ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से उद्धव ठाकरे गुट के इन विधायकों के साथ गुप्त बैठकें और बातचीत चल रही है। हालांकि, अब तक पार्टी ने इसे लेकर आधिकारिक रूप से कुछ नहीं कहा है।
शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना एक बड़ी रणनीति पर काम कर रही है, क्योंकि वह जानती है कि दल-बदल विरोधी कानून के प्रावधानों को तभी लागू होने से रोका जा सकता है जब उद्धव गुट के कम से कम 10 विधायकों को पाला बदलने के लिए राजी किया जाए।
सूत्रों ने बताया कि इसलिए शिंदे गुट द्वारा उद्धव ठाकरे गुट के कम से कम पांच और विधायकों को अपने पाले में लाने के प्रयास किए जा रहे हैं ताकि सभी कानूनी अड़चनों से बचा जा सके या उनका रास्ता निकाला जा सके। शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना का गणित यह है कि यदि उद्धव गुट के 15 विधायकों के समूह को पाला बदलने के लिए राजी कर लिया जाए, तो कानूनी कठिनाइयों से बचा जा सकता है।
एक सांसद भी तोड़ने की तैयारी
एजेंसी के सूत्रों का कहना है कि उद्धव गुट के 15 विधायकों को लुभाने के अलावा, उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना के एक और लोकसभा सांसद को भी अपने पाले में करने के प्रयास किए जा रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, शरद पवार के नेतृत्व वाली राकांपा के कुछ प्रमुख विधायक और यहां तक कि लोकसभा सांसद भी इस समय सत्तारूढ़ एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के संपर्क में हैं। सूत्रों ने बताया कि शरद पवार गुट के इन प्रमुख विधायकों और लोकसभा सांसदों के साथ शुरुआती बातचीत सफल रही है।













