रायगढ़। वित्तीय वर्ष समाप्त होने में 4 दिन शेष हैं लेकिन रायगढ़ नगर निगम अब तक टैक्स वसूली का टारगेट पूरा नहीं कर पाया है। नगर निगम को उपभोक्ताओं से 35 करोड रुपए टैक्स वसूलना है जिसके एवज में अब तक सिर्फ 24 करोड़ की वसूली हो पाई है। मार्च के अंत में तीन दिनों तक अवकाश है ऐसे में वसूली करने में निगम अधिकारियों के पसीने छूट रहे हैं।
दरअसल रायगढ़ नगर निगम को संपत्ति कर जलकर और समेकित कर के रूप में हर साल लगभग 35 करोड रुपए का टैक्स आम उपभोक्ताओं से वसूलना है। लेकिन मार्च महीने में अभी तक सिर्फ 70 फ़ीसदी टैक्स की वसूली ही हो पाई है। जलकर जहां सिर्फ 60 फ़ीसदी वसूल हो पाया है तो वही संपत्ति कर की रिकवरी 70 फ़ीसदी है। 35 करोड़ के एवज में अब तक सिर्फ 24 करोड़ की वसूली हो पाई है। आलम यह है कि नगर निगम सख्ती पर उतर आया है। 50000 से अधिक टैक्स बकाया वाले सबसे अधिक लोगों को नोटिस जारी किया गया है वहीं टैक्स वसूलने के लिए वार्डों में डोर टू डोर दस्तक दी जा रही है। निगम की इसी कार्रवाई को लेकर सियासत शुरू हो गई है। कांग्रेस का आरोप है की टैक्स वसूली के नाम पर आम उपभोक्ताओं को परेशान किया जा रहा है। निगम का राजस्व अमला पूरे साल सुस्त रहा और अब मार्च एंडिंग में टारगेट पूरा करने गरीब परिवारों को परेशान किया जा रहा है। बड़े रसूखदारों पर कार्रवाई की बजाए गरीब और मध्यम वर्गीय परिवार के लोग परेशान हो रहे हैं। नगर निगम को शिविर लगाकर उपभोक्ताओं को राहत देनी चाहिए।
इधर मामले में महापौर का कहना है कि रायगढ़ नगर निगम की स्थिति अन्य निकायों से बेहतर है। उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए वार्डों में कैंप लगाने के निर्देश दिए गए हैं। बड़े बकायादारों को भी नोटिस जारी किया गया है। इस साल लगभग 95 फ़ीसदी तक टैक्स वसूली का टारगेट रखा गया है जो पूरा हो जाएगा।














