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कश्मीर घाटी का देश से संपर्क टूटा, भारी बारिश से तबाही

लगातार और मूसलाधार बारिश ने गुरुवार को उत्तरी राज्यों में एक बार फिर कोहराम मचाया है। जम्मू-कश्मीर, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और हिमाचल प्रदेश जैसे राज्यों में भारी बारिश और बाढ़ जैसी स्थिति के कारण शैक्षणिक संस्थान बंद कर दिए गए हैं। वहीं सामान्य जीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है और व्यापार ठप हो गया है। इस बीच कश्मीर घाटी देश के बाकी हिस्सों से कट गई है। हालात को देखते हुए केंद्र सरकार ने गुरुवार को अहम बैठक बुलाई जहां कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए हैं।

केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह ने बताया है कि भारतीय मौसम विभाग (IMD) जम्मू-कश्मीर में मिशन मौसम के तहत जल्द ही अधिक सटीक मौसम पूर्वानुमान और पूर्व चेतावनियों के लिए 4 अतिरिक्त रडार स्थापित करेगा। यहां 3 रडार पहले से ही सक्रिय हैं। केंद्रीय मंत्री ने मंत्रालय और IMD को उत्तर भारत के अधिक प्रभावित क्षेत्रों जैसे जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और पंजाब के लिए समर्पित पूर्वानुमान जारी करने का भी निर्देश दिया है।

जिला प्रशासन की सराहना
इससे पहले डॉ. जितेंद्र सिंह ने गुरुवार को वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से जम्मू-कश्मीर के अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय बैठक को संबोधित किया। इस बैठक का उद्देश्य क्षेत्र में आई अत्याधिक वर्षा, बादल फटने और अचानक आई बाढ़ के मद्देनजर किए जा रहे राहत और पुनर्वास उपायों का जायजा लेना था। इस दौरान केंद्रीय मंत्री ने बाढ़ की भयावह स्थिति में जिला प्रशासन के अथक प्रयासों की सराहना की है। सिंह ने कहा है कि प्रशासन चुनौतीपूर्ण मौसम की स्थिति के बावजूद लोगों की जान बचाने और प्रभावित परिवारों को समय पर राशन, दवाइयां और आश्रय प्रदान करने के लिए चौबीसों घंटे काम कर रहा है।

PM कर रहे हैं निगरानी
डॉ. जितेंद्र सिंह ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व्यक्तिगत रूप से स्थिति की निगरानी कर रहे हैं और उन्होंने राहत उपायों में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने आगे बताया कि गृह मंत्री अमित शाह ने भी नुकसान का आकलन करने और समन्वित सहायता सुनिश्चित करने के लिए एक समिति का गठन किया है, जो कठुआ का दौरा भी करेगी।

ये भी पढ़ें:कश्मीर में आफत वाली बारिश, रियासी में बादल फटने से एक ही परिवार के 7 की मौत
बारिश ने मचाया कोहराम
बता दें कि गुरुवार को कश्मीर घाटी देश के बाकी हिस्सों से संपर्क कट गया है। जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग सहित अन्य जमीनी मार्गों पर भूस्खलन और बारिश के कारण सड़कों के हिस्से बह जाने के कारण गुरुवार को उन्हें बंद कर दिया गया। वहीं बीते 26 अगस्त से राजमार्गों और अन्य सड़कों के बंद रहने के कारण 3,500 से अधिक वाहन कठुआ से लेकर कश्मीर तक विभिन्न स्थानों पर फंसे हुए हैं। फंसे हुए वाहनों की आवाजाही के लिए सोमवार को राजमार्ग आंशिक रूप से खोला गया था। इसके अलावा जम्मू-राजौरी-पुंछ राजमार्ग और बटोटे-डोडा-किश्तवार राजमार्ग सहित अन्य महत्वपूर्ण मार्ग भी भूस्खलन और सड़कों के बह जाने के कारण यातायात के लिए बंद हैं। जम्मू रेलवे मंडल में भी रेल यातायात बीते नौ दिनों से बंद है।

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