अमेरिका एवं इजराइल के हमलों में मारे गए ईरान के दिवंगत सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के लगभग चार महीने बाद ईरान में उनके छह दिन के अंतिम संस्कार की प्रक्रिया शुरू हो गई है। कई दिन तक चलने वाले अंतिम संस्कार कार्यक्रम शनिवार से शुरू हो गए। फरवरी में ईरान युद्ध की शुरुआत में हुए हवाई हमले में 86 वर्षीय खामेनेई की मौत हो गई थी। खामेनेई का शव ईरान की राजधानी तेहरान स्थित ‘ग्रैंड मोसल्ला’ में लोगों के अंतिम दर्शन के लिए रखे जाने का कार्यक्रम है। काले कपड़े पहने शोकाकुल लोग शनिवार तड़के ‘ग्रैंड मोसल्ला’ पहुंचने का प्रयास करते हुए तेहरान की सड़कों पर आगे बढ़ते नजर आए।
कई लोगों के हाथों में ईरानी झंडे और बैनर थे, जबकि शिया परंपरा के अनुसार बड़ी संख्या में लोग छाती पीटकर शोक व्यक्त करते दिखाई दिए। शहरभर में खामेनेई की तस्वीरों वाले बड़े-बड़े पोस्टर लगाए गए हैं और सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी कर दी गई है। सरकार का अनुमान है कि अंतिम संस्कार में लाखों लोग शामिल हो सकते हैं। इसे 1989 में ईरान के पहले सर्वोच्च नेता रूहोल्लाह खामेनेई (Ruhollah Khomeini) के अंतिम संस्कार जैसी ऐतिहासिक भीड़ माना जा रहा है।अंतिम संस्कार में शामिल हुई 27 वर्षीय हनानेह मौसवी ने कहा कि वह अपने नेता को अंतिम विदाई देने आई हैं। वहीं, तबरीज से आए एक अन्य नागरिक ने कहा कि बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी यह संदेश देगी कि ईरान अपने देश और धार्मिक नेतृत्व के साथ खड़ा है।
खामेनेई के पार्थिव शरीर को तेहरान के अलावा ईरान और पड़ोसी इराक के अन्य शहरों में भी ले जाने की योजना है। इस दौरान प्रशासन ने राजधानी की कई सड़कों और हवाई क्षेत्र को अस्थायी रूप से बंद कर दिया है। इस बीच, ईरान और अमेरिका के बीच जारी बातचीत तथा इजराइल के साथ तनाव भी चर्चा का विषय बना हुआ है। ईरान की संयुक्त सैन्य कमान ने अमेरिका और इजराइल को चेतावनी देते हुए कहा है कि वे आने वाले दिनों में कोई “गलत आकलन” न करें। उधर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने एक कार्यक्रम में कहा कि ईरान पर सैन्य दबाव के बाद वह समझौते के लिए उत्सुक है। हालांकि, इन दावों पर ईरान की ओर से अलग रुख सामने आया है।















